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दर्दनाक: खेल-खेल में बालक ने लगाया फंदा...मौत, बदहवास मां बोली- आंखें होती, तो बचा लेती लाल को

Sun, 17 Sep 2023 08:26 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उरई

सार

Orai News: घर में ही संगीता के सामने बड़े पुत्र जैस की मौत पर वह अपनी किस्मत को कोसती हुई दहाड़े मारकर कह रही थी कि भगवान ने पहले उसकी आंखें छीन लीं और उसके सामने ही उसके पुत्र की मौत हो गई।
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पोस्टमार्टम हाउस में बैठे परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उरई में भाई-बहनों के साथ खेल रहे बच्चे ने खेल-खेल में खिड़की से रस्सी का फंदा लगा लिया। दम घुटने से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। शहर कोतवाली क्षेत्र के कांशीराम कॉलोनी निवासी खेमचंद्र का पुत्र जैस (13) रविवार सुबह घर के पास अपनी छोटी बहन महक, आस्था व भाई यश के साथ खेल रहा था।

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खेल-खेल में उसने रस्सी खिड़की में बांध दी और फंदा बनाकर गले में डालकर खेलने लगा। साथ खेल रहे भाई बहनों ने उसके मुंह व नाक से खून निकलता देखा, तो शोर मचाना शुरू किया। नेत्रहीन मां उसे बचाने के लिए चाकू व हंसिया खोजती रही लेकिन कुछ नहीं मिला।
इससे किशोर की मौत हो गई। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पिता खेमचंद्र ने बताया कि वह गल्ला मंडी में पल्लेदारी करता है। जैस कक्षा पांच में पढ़ता था। उसकी मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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मां बोली- आंखें होती, तो बचा लेती लाल को
घर में ही संगीता के सामने बड़े पुत्र जैस की मौत पर वह अपनी किस्मत को कोसती हुई दहाड़े मारकर कह रही थी कि भगवान ने पहले उसकी आंखें छीन लीं और उसके सामने ही उसके पुत्र की मौत हो गई। वह बेबस व लाचार रहकर कुछ न कर सकी। वह बार-बार कर रही थी कि मेरे किस कसूर की सजा दी है।
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