राष्ट्रीय आवास बैंक, ग्रामीण क्षेत्रों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के सस्ते मकान बनाएगा। वर्ष 2020 तक देश भर में ऐसे करीब 50 लाख आवास बनाने की योजना है। इनकी कीमत आठ से दस लाख रुपये रखी जाएगी। लागत के मुताबिक कीमत घट और बढ़ भी सकती है लेकिन प्राइवेट बिल्डर के मुकाबले कीमत कम रहेगी।
योजना का मकसद ग्रामीण क्षेत्र से पलायन रोकना और शहर की तरह आवासीय योजना का लाभ देना है। सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली इस्टीमेट कमेटी की सोमवार को लैंडमार्क होटल में हुई बैठक में राष्ट्रीय आवास बैंक के एमडी व मुख्य कार्यपालक श्रीराम कल्याण रामन ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विकास बैंक, आवास विकास और विकास प्राधिकरण की तरह काम करेगा। ग्रामीण क्षेत्र में सरकार से जमीन लेगा और सस्ते भवन बनवाएगा। लोगों को ये आवास किस तरह उपलब्ध होंगे, इस पर विचार किया जा रहा है।
डॉ. जोशी को आया गुस्सा
डॉ. जोशी की अध्यक्षता में इस्टीमेट कमेटी के सदस्यों ने देश, प्रदेश और शहर के विकास का खाका तैयार किया। कई बार अधिकारियों पर जोशी गुस्सा गए। नाबार्ड के एक अधिकारी से पूछा कि आप लोग आंकड़े पता नहीं किस तरह तैयार करते हैं कि समीक्षा के दौरान उनका मिलान नहीं होता।