वारदात के अगले दिन भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। हैरानी की बात है कि आरोपी चारों पुलिसकर्मी घटनास्थल से लेकर थाने चौकी में घटना के बाद मौजूद रहे लेकिन अब पुलिस अफसर उनको फरार बता रहे हैं। परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ का आरोप लगाया है।
सवाल है कि जब परिजनों ने मंगलवार सुबह इन दरोगाओं पर आरोप लगाए थे तो उनको हिरासत में क्यों नहीं लिया गया। उनको फरार होने का मौका क्यों दिया गया। पीड़ित परिजनों का कहना है कि आरोपियों का पुलिस साथ दे रही है। खासकर आरोपी पुलिसकर्मियों का।
एसीपी आउटर को निर्देशित किया गया है कि जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी करें। टीमें भी गठित की गई हैं। जो भी वारदात में शामिल था उनमें से कोई भी नहीं बचेगा। वह चाहे पुलिसकर्मी ही क्यों न हो।
भानु भास्कर, एडीजी जोन कानपुर