यूपी के जालौन में माधौगढ़ के एक ठेकेदार पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर ठेकेदारी करने का आरोप लगाते हुए कुछ ग्रामीणों ने एडीएम से शिकायत की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीएम ने जांच के निर्देश के साथ थाने से ठेकेदार की रिपोर्ट भी तलब की, जिसमें माधौगढ़ थाने ने पुष्टि की है कि ठेकेदार के खिलाफ थाने में आधा दर्जन मामले दर्ज है। थाने की रिपोर्ट आते ही प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है।
माधौगढ़ के समाजसेवी सतेंद्र सिंह और हरपाल सिंह ने 17 सितंबर को एडीएम को शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया था कस्बे के मोहल्ला आजाद नगर निवासी सरफराज खान उर्फ शोले पुत्र सरवर खान ने फर्जी दस्तावेज लगाकर माधौगढ़, रामपुरा व जालौन नगर पंचायत में रजिस्ट्रेशन करा कर लाखों रुपये के सरकारी कार्यों के टेंडर लिए हैं।
आरोप था कि सरफराज खान के खिलाफ थाने में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज है, लेकिन फिर भी ठेकेदार पैसों की हनक पर फर्जी रिपोर्टों के आधार पर चरित्र व हैसियत प्रमाणपत्र बनवा लिए। मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीएम प्रमिल कुमार ने जांच के निर्देश दिए और माधौगढ़ थाने से ठेकेदार के आपराधिक इतिहास की रिपोर्ट तलब कर ली।
निर्देश मिलते ही माधौगढ़ थाने ने जांच शुरू कर दी और गुरुवार को अपनी रिपोर्ट एडीएम व पुलिस अधीक्षक को भेज दी। एडीएम प्रमिल कुमार सिंह का कहना है थाने की रिपोर्ट के बाद ठेकेदार के सभी भुगतानों पर रोक लगा दी गई है। चरित्र प्रमाण पत्र कैसे बन गया इसकी जांच के निर्देश दे दिए गए है जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।