Chitrakoot News: जगदगुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मैं गंगा-यमुना का समागम देख रहां हूं। एक ओर विज्ञान और दूसरी ओर भगवान। निश्चित रूप से 23 अगस्त की संध्या बेला भारतवर्ष के स्वर्णिम इतिहास की संध्या बेला होगी, जिसको संपूर्ण विश्व नमन करेगा।
चंद्रयान की सफलता की कामना को लेकर धर्मनगरी के कई मठ-मंदिरों में सुबह से पूजन पाठ चल रहा है। जगदगुरु रामभद्राचार्य ने इसे सफल होने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि मैं गंगा-यमुना का समागम देख रहां हूं। एक ओर विज्ञान और दूसरी ओर भगवान। निश्चित रूप से 23 अगस्त की संध्या बेला भारतवर्ष के स्वर्णिम इतिहास की संध्या बेला होगी, जिसको संपूर्ण विश्व नमन करेगा।
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इसके अलावा गायत्री शक्तिपीठ मंदिर में सुबह से पूजन-हवन चल रहा है। कामदगिरि मंदिर में भी पूजन व भजन चल रहा है। इस दौरान कामदगिरि मंदिर के महंत जगदगुरु रामस्वरूपचार्य महाराज संत मदन गोपाल दास और गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक डॉ. रामनारायण त्रिपाठी समेत सैकड़ों भक्त मौजूद हैं।