दर्ज मुकदमे में बढ़ाई गई चोरी की धारा डीसीपी ईस्ट के अनुसार प्रकरण में तीन मुकदमे फीलखाना थाने में आईपीसी की धारा 409 (बैंकर द्वारा उसे सौंपी गई संपत्ति के संबंध में आपराधिक विश्वासघात) के तहत दर्ज किए गए थे। आरोपियों के पास से गहने बरामद होने के बाद इन मुकदमों में चोरी की धारा भी बढ़ा दी गई है।
आरोपियों ने सराफों को पुश्तैनी गहने बताकर बेचे थे
पुलिस ने छह सराफों के पास से करीब एक किलो गहने बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सराफों को पुश्तैनी गहने ने बताकर बेचे थे। सराफों ने बिना छानबीन भी के गहने खरीद भी लिए थे। सवाल इस बात का उठता है कि गहने पुश्तैनी थे, तो सराफों ने कौड़ियों के भाव में क्यों खरीदा और आरोपियों ने भी उन्हें कम दाम पर ही क्यों बेचा? इसके बाद भी सराफों को क्लीन चिट दे दी गई।
पुलिस कमिश्नर ने दिया न्याय का भरोसा
लॉकर न्याय संघर्ष समिति के संयोजक अभिमन्यु गुप्ता की अगुवाई में पीड़ितों ने शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की। कमिश्नर ने पूरा न्याय मिलने का भरोसा दिया। इस मौके पर पंकज गुप्ता, महेंद्र सविता, विनय कुमार, शुभ गुप्ता, छोटे अली, विकास शुक्ला आदि थे। वहीं देर शाम समिति के सदस्यों ने माल रोड स्थित कार्यालय में बैठक की। इसमें तय हुआ कि जब तक पूरा मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन नहीं रुकेगा।