दादानगर में सिलाई की 180 यूनिटें लगेंगी। इससे होजरी उद्योग को तकनीक दक्षता मिल सकेगी। बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद इसी महीने 12 करोड़ की ग्रांट भी मिल जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
एक छत के नीचे होगा काम
होजरी कारोबारी अभी शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक हजार से 1200 सिलाई की यूनिटें लगाए हुए हैं। अब फ्लैटेड इंडस्ट्री बनने से एक छत के नीचे काम होगा। इसके बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह की इंडस्ट्री लग सकेंगी। इससे होजरी उद्योग संगठित होगा। कारोबार और रोजगार तेजी से बढ़ेगा।
यह होती है फ्लैटेड इंडस्ट्री
अभी उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को प्लाट दिए जाते थे। इसके बाद वे अपनी इकाई के अनुरूप सेटअप तैयार करते थे। फ्लैटेड इंडस्ट्री में कई मंजिला इमारत बनाई जाती हैं। जिसमें उद्योग के अनुसार आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है। शहर में इस तरह का यह पहला प्रोजेक्ट है। उद्यमी प्रदूषण न फैलाने वाली मशीनों का सेटअप लगा सकेंगे।
यह कानपुर के होजरी उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित होगा। होजरी उद्योग तरक्की की नई इबारत लिखेगा। देर से उठाया गया सरकार का बेहद सार्थक कदम है।- बलराम नरूला, एमडी जेट नेट वियर