अगर इस वक्त पापा इस दुनिया में होते तो वह खुशी से झूम रहे होते और न जाने कितनों का मुंह मीठा करा चुके होते। अब मुझे आईआईटी से पढ़ाई करके इंजीनियर बनकर उनका सपना पूरा करना है। यह बात काकादेव निवासी गजेंद्र अग्रवाल ने कही। डीपीएस आजाद नगर के साइंस ग्रुुप के छात्र गजेंद्र के 99.6 प्रतिशत अंक आए हैं। उन्होंने बताया कि एक साल पहले पापा को कैंसर हुआ था, फरवरी से तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी तो इलाज के लिए राजीव गांधी अस्पताल दिल्ली में भर्ती कराया था लेकिन चार जून को उनकी मौत हो गई। मां नीरू गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि जेईई मेन की परीक्षा तो बहुत अच्छी गई है। अब आईआईटी में दाखिले के लिए जेईई एडवांस्ड की तैयारी कर रहा हूं। उनके 10वीं में 97.8 प्रतिशत अंक आए थे। उस वक्त भी वह स्कूल टॉपर थे।
आईएएस बन महिला शिक्षा पर करूंगी काम
दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) आजाद नगर की छात्रा श्रेया चंद्रा ने ह्यूमेनिटीज ग्रुप में 99.6 प्रतिशत अंक पाए हैं। श्रेया का कहना है कि परीक्षाएं होतीं, तब भी इतने अंक आ जाते। अर्मापुर में रहने वाली श्रेया दिल्ली विवि से साइकोलॉजी से स्नातक की पढ़ाई करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद आईएएस बन महिला शिक्षा पर काम करना चाहती हूं। पिता सुभाष चंद्रा ऑर्डनेंस फैक्टरी में ज्वाइंट जनरल मैनेजर और मां विनीता सीडीपीओ हैं। इनके 10वीं में 97.2 प्रतिशत अंक आए थे।
नंदिनी बनना चाहती हैं फैशन डिजाइनर
डीपीएस आजाद नगर की नंदिनी मेहरोत्रा ने कॉमर्स ग्रुप में 99.2 फीसदी अंक पाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर परीक्षाएं होतीं तब इतने अच्छे नंबर तो न आते लेकिन ज्यादा कम भी न आते। इंद्रा नगर में रहने वाली नंदिनी एनआईएफटी से बैचलर ऑफ फैशन डिजाइनिंग करने के बाद फैशन डिजाइनर बनना चाहती हैं। पिता संजीव मेहरोत्रा इंटीरियर डिजाइनर और मां शिखा गृहिणी हैं। इनके 10वीं में 96 प्रतिशत अंक आए थे।
पापा की तरह बनूंगा सीए
पांडु नगर निवासी तेजस्व खन्ना दिल्ली विवि से बीकॉम ऑनर्स करने के बाद अपने पिता विशाल खन्ना की तरह सीए बनना चाहते हैं। कॉमर्स ग्रुप से इनके 99.6 प्रतिशत अंक आए हैं। डीपीएस कल्याणपुर के छात्र विशाल ने बताया कि अगर परीक्षाएं होतीं तब भी इतने प्रतिशत अंक आ जाते, लॉकडाउन में मिले अतिरिक्त समय में इन्होंने जमकर तैयारी की थी। इनके 10वीं में 98.4 प्रतिशत अंक आए थे। मां तूलिका गृहिणी हैं।
डॉक्टर बनना चाहती हैं सदीमा
डीपीएस कल्याणपुर की छात्रा सदीमा खान ने 99.4 प्रतिशत अंक पाए हैं। उन्होंने बताया कि तैयारी जरूर थी लेकिन अगर परीक्षाएं होतीं तो शायद इतने अच्छे अंक न पा पाती। अर्मापुर निवासी सदीमा एम्स नई दिल्ली से एमबीबीएस करके डॉक्टर बनना चाहती हैं। पिता अनवार अहमद ओएफसी में जूनियर वर्कशॉप मैनेजर और मां हिना खान गृहिणी हैं। इनके 10वीं में 96.4 प्रतिशत अंक थे।
बीबीए के बाद झलक करेंगी एमबीए
डीपीएस कल्याणपुर की छात्रा झलक मेहरा को साइंस ग्रुप में 98.6 प्रतिशत अंक मिले हैं। विष्णुपुरी निवासी झलक का चयन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) रोहतक में बीबीए कोर्स के लिए हो चुका है। वह आईआईएम से एमबीए करके प्रबंधन क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाना चाहती हूं। पिता मुनीष मेहरा सीजीएसटी विभाग में निरीक्षक और मां बानू बैंक ऑफ बड़ौदा में क्लर्क हैं।
पढ़ाई के बाद बनना चाहती हैं लेखिका
डीपीएस कल्याणपुर की छात्रा अलेख्या सिंह के कामर्स ग्रुप में 99.02 प्रतिशत अंक आए हैं। वह दिल्ली विवि से अंग्रेजी विषय से स्नातक की पढ़ाई करना चाहती हैं। विकास नगर निवासी अलेख्या ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद लेखिका बनकर समाज की परेशानियां लिखना चाहती हूं। पिता अजीत सिंह व्यापारी और मां साधना गृहिणी हैं। इनके 10वीं में 97.06 प्रतिशत अंक आए थे।