विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
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सीबीआई की चार सदस्यीय टीम शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पीड़िता के गांव पहुंचे। दो अधिकारियों ने अतुल सेंगर के स्कूल वीरेंद्र सिंह इंटर कॉलेज पहुंचकर उन अभिलेखों की जांच की जिनके आधार पर जून 2017 में पीड़िता की ओर से दर्ज कराए गए अपहरण और दुष्कर्म के मुकदमे में उसे नाबालिग दर्शाने के लिए शैक्षिक प्रमाणपत्र और स्कूल के लेटर पैड पर उसके बालिग होने का प्रमाणपत्र पुलिस को दिया गया था।
हालांकि पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत ही रिपोर्ट दर्ज की थी लेकिन विधायक पक्ष ने इन शैक्षिक अभिलेखों के माध्यम से खुद को बचाने की कोशिश की थी। टीम ने स्कूल के प्रधानाचार्य पवन कुमार व अन्य स्टाफ से अलग-अलग पूछताछ की। करीब 1:45 बजे दोनों अधिकारी स्कूल से लौट गए। वहीं टीम के दो सदस्यों ने गांव में ही स्थित ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में कुछ बैंक खातों की जांच की। इसके बाद सीबीआई के यह अधिकारी भी लौट गए।
कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का अरोप लगाने वाली किशाेरी
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यह था शैक्षिक अभिलेखों का मामला
विधायक पर पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता की मां ने बेटी की उम्र की पुष्टि के लिए रायबरेली जिले के एक स्कूल से कक्षा पांच पास करने और उसी स्कूल की टीसी न्यायालय में दाखिल की थी। जबकि विधायक पक्ष ने पीड़िता की ओर से न्यायालय में दी गई इस टीसी को फर्जी बताते हुए विधायक के भाई अतुल सेंगर के स्कूल वीरेंद्र सिंह इंटर कालेज के प्रधानाचार्य की ओर जारी शैक्षिक अभिलेखों को सही बताया था। शैक्षिक अभिलेखों को लेकर सवाल उठने पर पीड़िता की मां ने सीबीआई को बताया था कि उसकी बेटी ने ननिहाल रायबरेली में रहकर पढ़ाई की है जो सही है।
दुष्कर्म पीड़िता के एक्सीडेंट के बाद फिर चर्चा में आया था उन्नाव दुष्कर्म कांड
28 जुलाई 2019 को रायबरेली में पीड़िता की कार में टक्कर लगने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल दिया। इस हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो चुकी है। इस पहले 12 जुलाई 2019 को पीड़िता की मां ने सुप्रीम कोर्ट को एक पत्र भी लिखा था। जिसके आधार पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस मामले की सुनवाई की।
जिसमें उन्होंने कई अहम फैसले दिए। पीड़िता के परिवार और वकील को को सीआईपीएफ की सुरक्षा दी गई। पीडि़ता की मां को 25 लाख रुपये का चेक दिया गया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता के एक्सीडेंट के मामले को 7 दिनाें में और पूर्व में चल रहे पूरे मामले को 45 दिनों में खत्म करने का समय दिया है।
जिसके बाद सीबीआई इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार छापे मार रही है। उन्नाव जिले के माखी थानाक्षेत्र की रहने वाली युवती ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर जून 2017 में बंधक बनाकर कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
पीड़िता ने थाने में आरोपी विधायक के खिलाफ तहरीर दी थी लेकिन कार्रवाई करने की बात तो दूर पुलिस उसे टरकाती रही। इसके बाद पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। उन्नाव जिले के माखी थानाक्षेत्र की रहने वाली युवती ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर जून 2017 में बंधक बनाकर कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।