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सीबीआई ने पांच बैंकों से जुटाए हीरा कारोबारी देसाई के दस्तावेज, 3635 करोड़ के कर्ज का है मामला

Wed, 27 Nov 2019 09:48 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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हीरा कारोबारी उदय देसाई - फोटो : गूगल
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कानपुर की 14 बैंकों के 3635 करोड़ रुपये के कर्जदार हीरा कारोबारी उदय देसाई के बैंक फ्रॉड मामले की जांच करने मंगलवार को सीबीआई की एक टीम शहर पहुंची। लोन देने वाले बैंक समूह में शामिल पांच बैंकों से लोन संबंधी दस्तावेज जुटाए। अफसरों से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। 
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सीबीआई की शुरुआती जांच के दायरे में बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक और यूनाइटेड बैंक शामिल हैं। इन्हीं पांच बैंकों से उदय देसाई ने करीब 1500 करोड़ रुपये का लोन हासिल किया। बाकी नौ बैंकों ने 2100 करोड़ रुपये दिए।
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सीबीआई अफसरों ने वर्तमान प्रबंधकों से लोन जारी करने वाले तत्कालीन प्रबंधकों का ब्यौरा जुटाया। उनकी वर्तमान में तैनाती पूछी। रिटायर होने की स्थिति में उनके घर का पता जाना। लंबे समय से लोन संबंधी कामकाज देख रहे कर्मचारियों से भी पूछताछ की।

सूत्र बताते हैं कि सीबीआई का जोर इस बात पर अधिक है कि नाम मात्र की बंधक संपत्तियों के बदले इतना भारी भरकम लोन किसके कहने पर दिया गया। माना जा रहा है कि दिन पर दिन उदय देसाई प्रकरण की जांच में तेजी आएगी। सीबीआई ने पांच नवंबर को यूनियन बैंक की शिकायत पर उदय देसाई की कंपनी फ्रास्ट इंटरनेशनल के खिलाफ जांच शुरू की थी। यूनियन बैंक का देसाई पर 74 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है। 

आठ साल में हासिल किए 3000 करोड़
उदय देसाई की कंपनियों मैसर्स फ्रास्ट इंटरनेशनल लिमिटेड व फ्रास्ट इंफ्रास्ट्रक्चर व एनर्जी लिमिटेड समेत कई कंपनियों ने वर्ष 2002 से 2010 के बीच तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का लोन लिया। वर्षों तक लोन की किस्तें ठीक चलने और लगातार लिमिट बढ़ने के बाद वर्ष 2018 में इनके खाते एनपीए हो गए थे। तमाम बैंकों ने मुंबई, कानपुर और गुड़गांव स्थित संपत्तियों को कब्जे में ले लिया है। कई संपत्तियां अभी जब्त होने की स्थिति में हैं और कई नीलामी की प्रक्र्रिया में चल रही हैं। 
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