कानपुर में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय सर्वोदय नगर में छापे की कार्रवाई के बाद विजिलेंस और सीबीआई की टीमें मंगलवार रात ही लौट गईं। हालांकि टीमें पीएफ विभाग के तीन महीनों का दस्तावेज पैन ड्राइव में ले गई हैं। इसमें इस दौरान किए गए सेटलमेंट क्लेम, भुगतान, पेंशन, नॉमिनेशन, नाम करेक्शन के मामले शामिल हैं।
वहीं टीमों ने जेके जूट मिल के कर्मचारियों, प्रतिष्ठान संचालकों के बारे में भी ब्यौरा जुटाया। वहीं टीम के आने से पहले ही विभाग के अफसर छुट्टी पर चले गए। इससे विभाग में तमाम चर्चाएं होती रहीं। दिल्ली स्थित मुख्यालय के एडिशनल डायरेक्टर विजिलेंस और सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम ने मंगलवार सुबह एक साथ कार्यालय पर छापा मारा था।
सात सदस्यीय टीम ने हर सेक्शन के अफसरों की कार्य प्रणाली की जांच-पड़ताल की। माना जा रहा है कि विभाग के कुछ अफसरों की कार्य प्रणाली को लेकर सीबीआई में शिकायत की गई थी। इसी के चलते पहली बार विजिलेंस टीम के साथ सीबीआई आई थी।