रूरा। कस्बे में कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर स्थित पीसीयू क्रय केंद्र प्रभारी पर साढ़े बारह लाख का गेहूं गबन करने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि केंद्र प्रभारी ने एक ट्रक नंबर के तीन फर्जी चालान जनरेट कर घोटाला किया। पुलिस ने विवेचना शुरू की है।
रूरा की कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में रबी विपणन वर्ष 2020-20 में पीसीयू (उप्र कोआपरेटिव यूनियन) का क्रय केंद्र बनाया गया था। यहां इकघरा गांव निवासी ऋषि कुमार को क्रय केंद्र प्रभारी बनाया गया था। पीसीयू क्रय केंद्र पर गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर विभागीय जांच कराई गई।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक देवेेंद्र वर्मन ने जांच में पाया कि क्रय केंद्र प्रभारी ऋषि कुमार ने 540 क्विंटल गेहूं (मूल्य 12.50 लाख) गोदाम में डिलीवरी के लिए एक ट्रक नंबर के तीन फर्जी चालान बना लिए। जबकि यह गेहूं गोदाम पहुंचा ही नहीं।
जांच में आरोप सिद्ध होने पर एक सितंबर को पीसीयू के जिला प्रबंधक अवधेश कुमार राठौर ने केंद्र संचालक के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद मंगलवार को साढ़े बारह लाख के सरकारी गेहूं के गबन में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि पूर्व में दी गई तहरीर पर ही तत्कालीन केंद्र प्रभारी ऋषि कुमार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
शिथिल पर्यवेक्षण में हटाए जा चुके जिला प्रबंधक
गेहूं की सरकारी खरीद में पीसीयू के रूरा व मनेथू क्रय केंद्रों पर गड़बड़ी की गई। कुल 29.74 लाख के सरकारी गेहूं के गबन में मनेथू क्रय केंद्र प्रभारी पर पूर्व में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। दो क्रय केंद्रों पर गड़बड़ी के प्रकरण में क्रय एजेंसी के जिला प्रबंधक अवधेश कुमार राठौर को शिथिल पर्यवेक्षण का दोषी पाया गया था। अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक सहकारिता विनय कुमार मिश्र ने जिला प्रबंधक को डिबार करने की संस्तुति की थी। इसके बाद पीसीयू के जिला प्रबंधक को हटा दिया गया था। (संवाद)