Kanpur News: मनरेगा कार्यों का डेढ़ लाख से ज्यादा एफटीओ से धनराशि निकालने के मामले में तीन बीडीओ दोषी पाए गए हैं। इसकी खुलासा लोकपाल की जांच में हुआ है, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
कानपुर में मनरेगा के तहत हुए पक्के निर्माणों के लिए तीन ब्लॉकों में एफटीओ से निकाले गए 34 लाख रुपये के मामले में सरसौल, कल्याणपुर और बिल्हौर ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी मनरेगा के लोकपाल ने जांच में दोषी पाए गए हैं। लोकपाल ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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मनरेगा के तहत गांवों में कराए गए निर्माण कार्यों के लिए छ माह से बजट नहीं जारी किया गया था। जुलाई में शासन ने निर्माण कार्यों के भुगतान के लिए 30 मिनट के लिए प्रदेशभर में मनरेगा पोर्टल खोला था। इसमें नियम था कि एक एफटीओ (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) 1.50 लाख रुपये से ज्यादा नहीं लगाया जाएगा।
इसके बाद भी शिवराजपुर ब्लॉक के बीडीओ ने बिल्हौर ब्लॉक में छह एफटीओ से करीब 21.36 लाख रुपये, कल्याणपुर बीडीओ ने चार एफटीओ से 10.91 लाख और सरसौल ब्लॉक में एक एफटीओ से तीन लाख का भुगतान किया था। वहीं दूसरी तरफ इस मामले की जांच सीडीओ के निर्देश पर परियोजना निदेशक कर रहे हैं