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आप मृत हैं...सुनकर वृद्ध हैरान: वृद्धा पेंशन के लाभार्थियों के सत्यापन का मामला, दोषी के खिलाफ होगी कार्रवाई

Mon, 11 Sep 2023 03:45 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट में तीन लोग जिंदा मिले हैं। इसमें सबसे बड़ा दोषी सत्यापन करने वाला सचिव है। उसने बिना मौके पर जाए मृत दिखा दिया। गलत सत्यापन करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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समाज कल्याण विभाग का फर्जीवाड़ा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण की तरह समाज कल्याण विभाग में भी घर बैठे रिपोर्ट लगाई जा रही है। सचिवों की ओर से लगाई जाने वाली रिपोर्ट में जीवित लोगों को भी मृत बताया जा रहा है। इससे इन बुजुर्गों की वृद्धा पेंशन रुक गई है। 200 से अधिक जीवित लोगों को कागजों में मृत बताने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने जून में मृत घोषित किए गए 2176 लोगों का दोबारा सत्यापन शुरू कराया है।

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ककवन ब्लॉक के 99 लोगों का सत्यापन किया गया तो तीन लोग जीवित मिले। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धा पेंशन योजना का लाभ कई वृद्धों को सचिवों की लापरवाही के कारण नहीं मिल पा रहा है। दरअसल, प्रत्येक वर्ष मार्च में विभाग द्वारा लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाता है। मृतकों की रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग भेज दी जाती है।
इसके बाद विभाग इनकी पेंशन रोक देता है।  सचिव सत्यापन के काम में लापरवाही बरतते हैं। घर बैठे रिपोर्ट लगा देते हैं। इसके चलते ही 200 से अधिक लोगों की पेंशन रुक गई है। निदेशालय के हस्तक्षेप के बाद जिलास्तर पर सीडीओ ने भी जांच शुरू कराई है। ककवन ब्लॉक में सत्यापन की जिम्मेदारी डीपीआरओ को मिली थी।

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डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट में तीन लोग जिंदा मिले हैं। इसमें सबसे बड़ा दोषी सत्यापन करने वाला सचिव है। उसने बिना मौके पर जाए मृत दिखा दिया। गलत सत्यापन करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।  -त्रिनेत्र सिंह, समाज कल्याण अधिकारी

कागजों में मृत रईश घर में खाते मिले खाना
ककवन ब्लॉक के औरोतहारपुर गांव के रहने वाले मो. रईश पुत्र शहजादे के घर टीम जांच करने पहुंची। पता चला कि वे घर में खाना खा रहे हैं। उनको जिंदा देखकर टीम हैरान रह गई। हैरान रईश भी हुए जब बताया गया कि वे कागजों में मृत घोषित किए जा चुके हैं। 77 वर्षीय रईश ने बताया कि 10 साल से पेंशन मिल रही थी, लेकिन जनवरी के बाद से नहीं आई। कई बार ब्लाॅक भी गए लेकिन सही जानकारी नहीं मिल सकी। टीम ने उनका आधार चेक किया तो सही पाया।

घर के बाहर बैठीं मिलीं माया देवी
इसके बाद टीम जमालपुर गांव में मायादेवी पत्नी धनीराम के घर पहुंची। माया देवी घर के दरवाजे पर बैठीं मिलीं। टीम ने उनके बारे में पूछा तो पता चला कि यही माया है। उन्हें बताया गया कि आपको मृत घोषित कर दिया गया है, तो 75 वर्षीय माया हैरान रह गईं। इसके बाद वो अपना आधार लेकर आईं। इसके बाद टीम ने उन्हें सही माना।
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माया बोलीं, कोई नहीं आया सत्यापन करने
इसी तरह शाहपुर गांव की रहने वाली माया देवी पत्नी रामदास के घर टीम पहुंची, तो वे भी जिंदा मिलीं। 69 वर्षीय माया ने कहा आज तक कोई सत्यापन करने घर नहीं आया। कई बार ब्लॉ जाकर पेंशन न आने का कारण पूछा तो कोई सही जानकारी ही नहीं मिली।
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