बड़े पैमाने पर सोर्स रिडक्शन कराया
एक संक्रमित गायत्रीनगर शुक्लागंज तथा भाभानगर और लालबंगला के एक-एक रोगी हैं। 23 डेंगू संदिग्ध रोगियों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। 119 रोगियों के सैंपल मलेरिया की जांच के लिए भेजे गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी एके सिंह ने बताया कि सरसौल में बड़े पैमाने पर सोर्स रिडक्शन करा दिया गया है। इसके साथ प्रभावित गांवों में दवा का छिड़काव कराया गया।
गांव-गांव गंदगी, घर-घर रोगी
सरसौल के नसड़ा, कछेरुआ, सगुनपुर और पहलेपुर गांव डेंगू और रहस्यमयी बुखार की चपेट में हैं। तकरीबन हर घर में एक व्यक्ति के हाथ में ड्रिप लगी हुई है। ये रोगी सरसौल सीएचसी में भर्ती रहने के बाद घर लौटे हैं। बीच में सीएचसी जाकर ड्रिप के जरिये इंजेक्शन या ग्लूकोज चढ़वा लेते हैं।
नोटिस चस्पा है, लिखा है- इस घर में डेंगू रोगी हैं
मुख्य मार्ग से पहलेपुर के रास्ते और गांव में गोबर के ढेर लगे हैं। कीचड़ है और पानी भरा हुआ है। यहां शिवशंकर निषाद के दरवाजे पर नोटिस चस्पा है। लिखा है- इस घर में डेंगू रोगी हैं। शिवशंकर की बेटी रुकनी (19) और सुनीता (17) डेंगू संक्रमित हैं। यहां और भी लोग खड़े हैं, कहते हैं कि पांच-छह दिन से बुखार फैला है।
86 सैंपल लिए गए,16 डेंगू पॉजिटिव हैं
आगे पंचायत भवन पर दवा वितरण किया जा रहा है। साथ ही सैंपलिंग भी हो रही है। यहां प्रधानपति संजय कुमार मौजूद हैं। बताते हैं कि 86 सैंपल लिए गए हैं। इनमें 16 डेंगू पॉजिटिव हैं। यहां से आगे नसड़ा गांव है। रास्ते में प्रधान के भतीजे दीपू तोमर मिल गए। बताया कि सभी रोगियों की सैंपलिंग करा दी है। 26 रोगी डेंगू हैं और बाकी बुखार के हैं।
रोगी जयराम की उर्सला में मौत
नसड़ा के डेंगू रोगी राजेश ने बताया कि वह सीएचसी सरसौल में एक सप्ताह से भर्ती रहे हैं। अब लौटे हैं। पूरे गांव में बीमारी फैली हुई है। आगे सगुनपुर गांव पहुंचने पर प्रधान सुशीला सविता के बेटे राजू सविता ने बताया कि स्थिति ठीक है। इसी गांव के रोगी जयराम की उर्सला में मौत हुई है। उनका इलाज चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र तिवारी के अंडर में चल रहा था।
हर घर में है बुखार का रोगी
रोगी के भतीजे सर्वेश कुमार ने बताया कि गांव में सफाईकर्मी नहीं आए और न ही स्वास्थ्य विभाग की टीम। रोगी की मौत के बाद यहां सफाई शुरू हुई है। ग्राम विकास अधिकारी अजेंद्र तिवारी यहां सफाई करा रहे हैं। कचरे को जेसीबी से हटवाया जा रहा है। कछेरुआ गांव में यही हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि बुखार का रोगी हर घर में हैं। पानी में लार्वा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम अभी गांव नहीं पहुंची। जो बीमार पड़ता है, वह खुद सीएचसी दिखाने जाता है।