105 साल की वृद्धा को मारती बहू
- फोटो : अमर उजाला
चार बेटों और दो बेटियों का है परिवार
विष्णु दत्त गुप्ता और जयराम देवी के सात बच्चे हुए। इनमें पांच बेटे और दो बेटियां थीं। इसमें सबसे छोटे बेटे भवानी लाल की मौत हो चुकी है। सबसे बड़ा बेटा भगवान लाल लखनऊ कैंट में रहता है। उसकी परचून की दुकान है। दूसरे नंबर पर बेटी सुंदर पति है। वह सुल्तानपुर में रहती है। तीसरे नंबर पर बेटा देवता लाल है, जो एमईएस से सेवानिवृत्त है और लखनऊ में रहता है। चौथे नंबर की बेटी अपने पति के साथ घाऊखेड़ा में रहती है। पांचवें नंबर पर अहिरवां निवासी गंगा बली हैं। छठवें नंबर पर भगवान बलि है, जो पत्नी आरती के साथ घाऊखेड़ा में रहता है और ई-रिक्शा चलाता है।
ढाई-ढाई माह मां को रखेंगे साथ
गंगा बली ने बताया कि इसके बाद सभी भाइयों ने मां को ढाई-ढाई माह अपने घर में रखने की सहमति बनी। बताया कि दो माह पहले ही उनके घर से भाई भगवान बलि के घर गईं थीं। उन्हें रविवार को लखनऊ में रहने वाले भाई के पास जाना था। इससे पहले ही यह घटना सामने आ गई। उनके दो बड़े भाई भगवान लाल और देवता लाल लखनऊ में रहते हैं। मोहल्ले वाले बताते हैं कि आरती दबंग किस्म की है। कई लोगों से वह मारपीट कर चुकी है। किरायेदारों से भी मारपीट कर चुकी है। कई बार ईंट-पत्थर भी चले हैं।
समाज कल्याण विभाग की टीम को बेटे ने लिखित में दिया, करेंगे मां की देखभाल
वृद्धा की पिटाई के मामले को जिला प्रशासन ने संज्ञान में लिया है। शनिवार को समाज कल्याण अधिकारी डॉ. प्रज्ञा पांडेय के निर्देश पर विभाग की टीम चकेरी थाने पहुंची। मेहरबान सिंह पुरवा के हॉस्टल अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला, दामोदर नगर वृद्धा आश्रम के अनिल मिश्रा और पवन शुक्ला भी थे। थाने से उन्हें अहिरवां चौकी भेज दिया गया। चौकी प्रभारी राजेश कुमार को लेकर जयराम देवी के बेटे के संजीव नगर स्थित घर पहुंचे। टीम ने वृद्धा को आश्रम में भेजने की पेशकश की। हालांकि बेटे गंगा बलि ने इसे नकार दिया। हाथ जोड़कर उनकी सेवा और देखभाल करने की बात कही। इसके बाद टीम ने उनसे लिखित में लिया है।