गायब बक्से में दरोगा की सर्विस पिस्टल, दस कारतूस व अन्य सामान था। खोजबीन के बाद भी जब सामान नहीं मिला तो उच्चाधिकारियों को सूचना दी। छानबीन के दौरान जला हुआ बक्सा चौकी से 200 मीटर दूर मिला। आईजी प्रशांत कुमार ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
दरोगा का दावा फोरेंसिक ने किया खारिज
दरोगा सुधाकर पांडेय ने अफसरों को बताया कि वह बहुत गहरी नींद में सो गए थे। दावा किया कि वारदात को अंजाम देने वालों ने नशीला स्प्रे छिड़का होगा। इस वजह से वह हल्की बेहोशी में हो गए थे। स्प्रे छिड़कने के कोई भी साक्ष्य फोरेंसिक जांच में नहीं मिले।
दरोगा को निशना बनाना साजिश तो नहीं
पुलिस मामले में कई अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है। पहला पहलू चोरी का है। जिस संबंध में केस दर्ज किया गया है। वहीं जिस तरह से कागज जलाए गए हैं, और तीन बक्सा भी खंगाले। बाद में कुछ दस्तावेजों को फूंक भी दिया।
इससे यह भी आशंका बढ़ जाती है कि किसी केस से संबंधित शख्स ने तो नहीं वारदात को अंजाम दिया। जिस मकसद अपने कागजात नष्ट करना हो लेकिन पिस्टल कारतूस मिल गई तो लेकर चला गया। वहीं तीसरा पहलू यह है कि कोई विभाग के ही शख्स ने खुन्नस में तो नहीं वारदात को अंजाम दिया। एसपी आउटर का कहना है इन सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
बिकरू कांड में घायल हुए थे दरोगा
गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गई टीम पर जब हमला हुआ था तो उसमें सुधाकर पांडेय शामिल थे। उनकी आंख के पास छर्रे लगे थे। एक महीने तक उनका इलाज चला था। तब वह ठीक हुए थे।
लापरवाही बरतने पर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है। वारदात के संबंध में चोरी का केस दर्ज किया गया है। पांच टीमें गठित की हैं। वारदात को अंजाम देने वाले जल्द पकड़े जाएंगे। -तेज स्वरूप सिंह, एसपी आउटर
सपा ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
चौकी से चोरी के मामले में समाजवादी पार्टी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने ट्वीट कर लिखा है कि यूपी में नंबर वन कानून व्यवस्था का दावा करने वाले मुख्यमंत्री के राज में पुलिस चौकियां तक सुरक्षित नहीं हैं। कानपुर में पुलिस चौकी से ही चोर पिस्टल और कारतूस चुरा ले गए और,दरोगा सोता रहा। यह घटना बेहद शर्मनाक है। मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त से कार्रवाई की जाए।