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सड़क हादसे में प्रेमी जोड़े की मौत: एक साथ जीने का संजोया था सपना, उठी अर्थी, कन्नौज घाट पर हुआ युगल का अंतिम संस्कार

Wed, 17 Nov 2021 09:43 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया

सार

सचिन और सोनी की दोस्ती की मिसाल के कायल लोग गमगीन थे। दोनों के घर पास होने और एक साथ दो अर्थियां उठने से पूरा नवीननगर गमगीन दिखा। कई घरों में चूल्हे नहीं जले। हर कोई गमगीन परिवार को ढांढस बंधाता नजर आया।
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सोनी व सचिन श्रीवास्तव की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सचिन और सोनी के जब एक होने का जब समय आया तो किस्मत उनसे रूठ गई। एक साथ जीने का सपना संजोया था, मगर एक साथ उनकी अर्थियां उठीं। दोनाें शव देखकर हर किसी की आंखें भर आई।
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गमगीन परिवार को लोग ढांढस बंधाते रहे। बिधूना के नवीन बस्ती निवासी सीबीआई में लिपिक पद पर लखनऊ में तैनात रहे सचिन और पड़ोस में रहने वाली सोनी प्रजापति में प्रेम प्रसंग था।

काफी समय से वह शादी की तैयारियों में जुटे थे। दोनों परिवार भी इस फैसले से खुश थे और दोनों की शादी के लिए नौ दिसंबर की तिथि तय की थी। रविवार को सचिन अपनी मंगेतर के साथ शादी की खरीदारी के लिए कानपुर गए थे।
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लौटते समय कानपुर देहात के शिवली के पास हादसे में दोनों की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों की खुशियां मातम में बदल गई। सोमवार को दोनों का एकसाथ कन्नौज घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। 
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खुश था सचिन का परिवार 
सचिन के पिता राजेश ने बताया कि सचिन की खुशी में ही उनके परिवार की खुशी थी। सभी की रजामंदी के बाद सचिन अपनी शादी में जुटा था। कुछ दिन पहले ही छुट्टी पर आने के बाद वह काफी खुश था और परिवार को उससे ज्यादा खुशी थी। पता नहीं किसकी नजर लग गई। यह बात कहते ही पिता फफक पड़े और मौजूद लोग उन्हें ढांढस बंधाते रहे। 

घरों में नहीं जले चूल्हे
सचिन और सोनी की दोस्ती की मिसाल के कायल लोग गमगीन थे। दोनों के घर पास होने और एक साथ दो अर्थियां उठने से पूरा नवीननगर गमगीन दिखा। कई घरों में चूल्हे नहीं जले। हर कोई गमगीन परिवार को ढांढस बंधाता नजर आया।
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