पीएफ इंस्पेक्टर रिश्वतकांड की जांच कर रही सीबीआई ने बुधवार को सहायक आयुक्त भविष्य निधि अक्षय भार्गव को लखनऊ में बुलाकर कई घंटों तक पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार इस दौरान कई ऐसे सवाल पूछे गए जिनमें सहायक आयुक्त असहज दिखे। अक्षय भार्गव ने ही मामले में नोटिस जारी की थी, जिसके बाद पीएफ इंस्पेक्टर रिश्वत लेने पहुंचा था।
25 अप्रैल को सीबीआई की टीम ने सर्वोदय नगर स्थित क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय में छापा मारा था। इस दौरान पीएफ इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव को तीन लाख रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। सूत्रों ने बताया कि चौबेपुर स्थित स्कूल संचालक से पीएफ की सेवन ए कार्रवाई को रफा-दफा करने के लिए पीएफ इंस्पेक्टर ने पहले चार लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, बाद में तीन लाख में सौदा तय हुआ था।
दरअसल, लंबे समय तक अपने कर्मचारियों का पीएफ अंशदान न जमा किए जाने पर विभाग की ओर से सेवन ए की कार्रवाई की जाती है। इस मामले में सहायक आयुक्त भविष्य निधि अक्षय भार्गव ने नोटिस जारी किया था। इसके बाद ही पीएफ इंस्पेक्टर ने भौतिक निरीक्षण किया था।