बच्चों के यौन उत्पीड़न चर्चित केस के मुख्य आरोपी निलंबित जेई रामभवन अब एक बार फिर सात दिन सीबीआई के हवाले रहेगा। इस दौरान सीबीआई इसका दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में मानसिक, फिजिकल, साइकोलॉजिस्ट और वाइस (स्वर) चेकअप कराएगी।
सीबीआई की इस अर्जी को बुधवार को यहां पॉस्को एक्ट न्यायाधीश/एडीजे पंचम न्यायालय से मंजूरी मिल गई। यहां जेल में निरुद्ध आरोपी रामभवन के अपराधों/आरोपों से संबंधित कई जांचों के लिए सीबीआई ने पिछले माह यहां अदालत में अर्जी देकर आरोपी की दिल्ली में जांच कराने की अनुमति मांगी थी।
सुनवाई की कई तारीखें पड़ने के बाद बुधवार को न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद ने सीबीआई और शासकीय अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद अर्जी मंजूर कर ली। अदालत के आदेश के मुताबिक आरोपी रामभवन को सीबीआई अपनी अभिरक्षा में 7 जनवरी को प्रात: 10 बजे जेल से लेगी।
इसके सात दिन के अंदर जांच का काम पूरा कराकर वापस जेल दाखिल करेगी। सीबीआई टीम अपने सीओ अमित कुमार के नेतृत्व में दोपहर करीब एक बजे अदालत पहुंची। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज दीक्षित ने बताया कि आरोपी की पत्नी दुर्गावती को रिमांड पर लेने के लिए सीबीआई ने अर्जी इसलिए नहीं दी कि उससे संबंधित आरोपों के पर्याप्त साक्ष्य मिल चुके हैं।
लिहाजा रिमांड कस्टडी नहीं मांगी। अधिवक्ता दीक्षित ने बताया कि सीबीआई ने तीन अलग-अलग अर्जियां दी थीं। यह स्वीकार हो गई हैं। उधर, रामभवन और उसकी पत्नी की न्यायिक अभिरक्षा के बारे में अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।