सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराची खाना शाखा के लॉकरों से जेवरात चोरी होने के मामले के आरोपी लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय की तीन जमानत अर्जियां जिला जज मयंक कुमार जैन ने खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त ने बैंक में सहायक शाखा प्रबंधक व लॉकर इंचार्ज के पद पर रहते हुए सह अभियुक्तों के साथ मिलकर लॉकरों से जेवरात आदि चोरी किए।
ऐसा करने से जनता में बैंक के प्रति विश्वास में कमी आई है। इसलिए उसे जमानत नहीं दी जा सकती। एडीजीसी रवींद्र अवस्थी ने कोर्ट में तर्क रखा कि पुलिस ने लॉकर इंचार्ज शुभम के घर से लगभग 145 ग्राम चोरी का सोना बरामद किया था। शुभम ने गोविंद नगर स्थित आनंद ज्वैलर्स से पुराना सोना देकर नया सोना लेने की बात कही थी और 250 ग्राम नए सोने के जेवरात भी बरामद हुए थे।
वहीं शुभम के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि शुभम खुद फीलखाना थाने गया था, जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया। नौ अप्रैल से वह जेल में है। नौ साल की नौकरी में उसे कई प्रशस्ति पत्र मिले हैं। उसने कोई अपराध नहीं किया। बता दें मंजू भट्टाचार्य, सीता गुप्ता व उनके पति और शकुंतला देवी ने लॉकर से जेवर चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीनों में शुभम को आरोपी बनाया गया है। इसलिए शुभम ने तीनों मुकदमों में अलग-अलग जमानत अर्जियां दाखिल की थीं।