रोहिंग्या शाहिद को उन्नाव में पैदा कराने के लिए अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रख दिया। उसने फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र ही नहीं बनवाया, जिस कासिम नगर के मकान में किराये पर रहता था वहां के पते से अपना आधार कार्ड भी बनवा लिया। इसी आधार कार्ड को नगर पालिका में लगा उसने जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया।
एटीएस की नजर में मामला आने के बाद दस्तावेजों को निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। लगभग तीन साल पहले रोहिंग्या शाहिद अलीगढ़ से उन्नाव पहुंचा और बंथर औद्योगिक क्षेत्र स्थिल स्लॉटर हाउस में अपने अन्य साथियों का शोषण कर हर माह 50 हजार से अधिक की आमदनी करने लगा।
मोहल्ला कासिम नगर निवासी इदरीश के घर फर्जी वोटर आईडी व आधार के सहारे किराये पर रहने लगा। अच्छी आमदनी होने के कारण रोहिंग्या शाहिद ने उन्नाव में ही बसने का फैसला लिया और शातिर दिमाग का प्रयोग कर पहले फर्जी तरीके से कासिम नगर के पते से आधार कार्ड बनवाया और फिर इसी आधार कार्ड को नगरपालिका में लगाकर जन्म प्रमाण पत्र हासिल कर लिया।