इससे पहले 2016 में लॉकर ऑपरेट किया था। लॉकर में दो हार, माथे की बेंदी, चार कड़े, 5-6 अंगूठियां, दो चेन, कमरबंद आदि थे। इसकी कीमत करीब 15 लाख है। गुरुवार को जब पत्नी के साथ लॉकर से गहने निकालने आए, तो सारा सामान गायब था। उन्होंने बताया कि यहां के लॉकर में लॉक के बाहर एक पत्ती लगी है, जिसमें भी अलग से ताला लगा था। ताले में काफी जंग लगी थी। इसके बाद भी यूं खुल गया जैसे खुला पड़ा था। वहीं बताया कि उनके डॉक्टर बेटे अपूर्व (25) की जनवरी 2022 में मकरसंक्रांति के दिन सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। तब से घर सूना है। अब जमा-पूंजी भी चली गई। उनकी दो शादीशुदा बेटियां हैं।
मुख्य प्रबंधक ने की थी लॉकर की जांच
सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को मामला सामने आने के बाद बिरहाना रोड़ पीएनबी क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य प्रबंधक और एक अन्य अफसर ने लॉकर की जांच-पड़ताल की। हालांकि प्रबंधन को लॉकर से कोई छेड़छाड़ नहीं मिली। मंडल प्रमुख, उपमहाप्रबंधक श्याम सुंदर सिंह ने बताया कि वो अभी दिल्ली में मीटिंग में हैं। मामले में प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रारंभिक जांच में नियमों के अनुसार ही लॉकर संचालित हो रहा है।
56 ग्राहकों ने चेक किए लॉकर
निराला नगर शाखा में पीएनबी प्रबंधन ने टोकन बांटकर ग्राहकों को लॉकर चेक कराए। देर शाम तक 56 ग्राहकों ने लॉकर आपरेट किए। शाखा में कुल 506 लॉकर हैं। 427 लॉकर किराये में पर संचालित हैं, जबकि 78 लॉकर खाली हैं। सभी ग्राहकों के जेवर सुरक्षित थे।
लॉकर न्याय संघर्ष समिति से मिला पीड़ित
लॉकर न्याय संघर्ष समिति के संयोजक अभिमन्यु गुप्ता ने लॉकर पीड़ित राजेश मिश्रा से उनके मोतीझील स्थित कार्यालय में मुलाकात की। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। साथ् ही, नको न्याय दिलवाने के लिए संघर्ष करने का आश्वासन दिया। इस दौरान बैंक को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है।