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खुलासा: संतान की चाह में मासूम को उठा ले गई थी महिला, पुलिस ने भेजा जेल, चल रही है दरोगा पर लगे आरोपों की जांच

Fri, 06 May 2022 08:24 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

हरबंश मोहाल थाना क्षेत्र में लगभग एक महीने पहले डेढ़ महीने की बच्ची को एक महिला  घंटाघर स्थित एक होटल से अगवा कर ले गई थी।  पुलिस ने बिहार से बच्ची को सकुशल तलाश लिया और आरोपी महिला को जेल भेज दिया है। 
 
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पुलिस ने आरोपी महिला को भेजा जेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में अगवा हुई डेढ़ माह की मासूम बच्ची एक महीने के बाद गुरुवार को अपनी मां के पास पहुंच गई। पुलिस ने कागजी व कोर्ट की कार्रवाई पूरी करने के बाद बच्ची को मां के सुपुर्द कर दिया। उधर बच्ची का अपहरण करने वाली रेखा को जेल भेज दिया। आरोपी ने दावा किया कि उसने बेचने के लिए नहीं बल्कि उसके कोई संतान नहीं है, इसलिए बच्ची को लेकर चली गई थी। मगर उसने बेहद गंभीर अपराध किया। इसलिए पुलिस ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की। 

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उन्नाव निवासी शांति देवी तीन अप्रैल को गाजीपुर से कानपुर आई थीं। ट्रेन में सफर के दौरान बिहार के छपरा निवासी रेखा देवी से दोस्ती हो गई थी। घंटाघर चौराहे के पास स्थित एक होटल से रेखा शांति की डेढ़ माह की बेटी उठाकर छपरा ले गई थी। बुधवार को हरवंश मोहाल पुलिस ने छपरा से बच्ची बरामद कर रेखा को गिरफ्तार कर लिया था।

डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार के अनुसार पुलिस की पूछताछ में रेखा ने बताया कि उसकी शादी हुए 14 साल हो गए। मगर उसके संतान नहीं हुई। जब ट्रेन में शांति के पास दुधमुंही बच्ची देखी तो उसको चोरी करने का मन बना लिया। होटल में जब शांति बच्ची को उसकी गोद में देकर हाथ धुलने गई थी तो वह वहां से तुरंत निकल गई थी। इस तरह बच्चे की चाहत ने रेखा को अपराधी बना दिया।
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गले लगाकर रोती रही मां, जैसे मिल गया हो संसार
पुलिस ने शांति को गुरुवार सुबह थाने बुलाया। जब वह वहां पहुंची और बच्ची को देखी तो फफक कर रोने लगी। शांति ने कहा कि धीरे-धीरे उम्मीद खत्म हो रही थी। ऐसा लगने लगा था कि अब शायद बच्ची नहीं मिल पाएगी, लेकिन पुलिस ने आखिर में तलाश ही लिया। हालांकि दरोगा पर लगे रिश्वत मांगने के आरोप के बाद पुलिस ने सक्रियता से काम किया। ताकि आरोप दरकिनार हो जाएं। मगर ऐसा होना मुश्किल है, क्योंकि उस मामले की जांच चल रही है।
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