कानपुर में वेंटिलेटर पर बच्ची की मौत के मामले में बालरोग अस्पताल की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा अग्रवाल को जांच कमेटी के क्लीन चिट दिए जाने का मामला चर्चा में है। हालांकि इस प्रकरण पर जीएसवीएम मेडिकल कालेज प्रबंधन के अधिकारी चुप्पी साधे हैं। सूत्रों का कहना है कि प्राचार्य डॉ. संजय काला के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने डॉ. नेहा अग्रवाल को क्लीन चिट दी है।
इस रिपोर्ट को डॉ. काला ने अपने पत्र के साथ शासन को भेजकर निलंबन वापसी का अनुरोध किया है। बताया जा रहा है कि डॉ. काला ने मामले की छानबीन के लिए दो दिन पहले कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे। कमेटी में बालरोग की डॉ. रूपा डालमिया सिंह, एनेस्थीसिया के डॉ. चंद्रशेखर और मेडिसिन के डॉ. सौरभ अग्रवाल थे।
कमेटी ने डॉ. नेहा को क्लीन चिट दे दी। यह बताया गया कि बच्ची को विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव की देखरेख में भर्ती किया गया था। शासन से की गई सिफारिश में यह भी बताया गया कि डॉ. नेहा को मेडिकल साइंस में शोध के लिए 29 गोल्ड मेडल मिले हैं। माना जा रहा है कि जल्द डॉ. नेहा का निलंबन वापस हो सकता है।