बार बार बदले बयान, हर बार नया शक
तीन दिन में मृतका की मां का बयान छठवीं बार बदला। इससे हर बार नया शक सामने आया। शनिवार को जब सदर विधायक से लेकर कई नेता उनके दरवाजे न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठे थे, तो मां ने कहा कि उसकी बेटी को अस्पताल में ग्लूकोज में जहर मिलाकर मार दिया गया। किसने जहर मिलाया और अस्पताल में उनसे मिलने कौन कौन आया इसका जवाब नहीं दिया। इसके बाद कहा कि घटना के दिन ही जब बेटी के साथ दुष्कर्म होते पाया था, तो आरोपी बेटी की गर्दन दबा रहा था। बाद में कहा कि जब वह पहुंचे, तो आरोपी नहीं मिले थे, सिर्फ बेटी मिली थी।
थाने में बैठे आरोपियों की फोटो दिखाओ
धरने में जब मृतका के घर के पास सदर विधायक व अन्य दल के नेता बैठे थे तो पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीनों आरोपी पकड़ गए हैं, लेकिन किसी को विश्वास नहीं हुआ। नेताओं ने मांग की कि तीनों की थाने में बैठे फोटो दिखाई जाए। इसके बाद आर्थिक मदद और शस्त्र लाइसेंस दिलाने के लिए लिखित आश्वासन पर ही धरना खत्म हुआ। 31 घंटे तक चले इस घटनाक्रम में कई बार तनाव की स्थिति बनी।
पुलिस की बनी रही आफत
शुक्रवार की सुबह दस बजे से लेकर शनिवार की शाम पांच तक चले घटनाक्रम में अतर्रा सीओ व उनकी टीम को भी बुलाया गया। राजापुर पहाड़ी के अलावा गनीवां चौकी की पुलिस टीम लगातार गांव के आस पास तैनात रही। दो दिन में एसपी को दो बार और डीएम को एक बार गांव आना पड़ा। आखिर में शांतिपूर्ण तरीके से आश्वासन पर सब कुछ निपटा तो जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
किसने पीड़ित परिवार को धमकाया
पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने बताया कि गांव में पीड़ित परिजनों की सुरक्षा के लिए एक दरोगा व दो सिपाही नियमित गश्त पर लगाए गए हैं। इस मामले में कई अन्य बिंदु भी हैं जिनकी जांच क्रमवार कराएंगे, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिले। इन बिंदुओं में नामजद तीन में से किसने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया, थाने पर सूचना देने में देरी क्यों हुई। थाने आने में किसने इन्हें रोका और डराया धमकाया के अलावा दो दिन बाद मौत के और अन्य कारणों की जांच हो रही है।