पोस्टमार्टम के दौरान सीओ हसनगंज आरके शुक्ला, कोतवाल व चौकी इंचार्ज पुलिस बल के साथ पूरे समय मौजूद रहे। अपर पुलिस अधीक्षक शशि शेखर सिंह ने बताया कि दोनों के विसरा की फॉरेंसिक लैब से जांच कराई जाएगी।पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में डॉ. आशुतोष वाषर्णेय, डॉ. फैजल और मो. अहमद अली शामिल रहे। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्रॉफी भी कराई गई है।
मामा के साथ ननिहाल गई मासूम प्रियांशी
मां शांति की मौत के बाद से रो-रोकर बेहाल उसकी दो साल की बेटी प्रियांशी को संभाल रहे परिवार और गांव के लोगों की आंखे नम हो गईं। मासूम बच्ची बार बार मां को पुकारती रही। उस मासूम को इसका आभास भी नहीं है कि उसकी मां अब हमेशा के लिए उससे दूर चली गई है। बच्ची को उसके मामा संतोष अपने साथ लेकर गए हैं।
बाएं पैर से दिव्यांग था अनुज
पोस्टमार्टम हाउस में मिले मृतक अनुज के पिता महेश ने बताया कि बेटा बाएं पैर से दिव्यांग था। वह दौड़ नहीं सकता था। 28 जून को सुबह उसने बाल कटवाने के लिए रुपये मांग थे। उसे 100 रुपये दिए थे। दोपहर में वह घर आया और बचे 50 रुपये खिड़की पर रख दिए। उसके खाना खाया और आराम करने लगा। रात में कितने समय घर से निकला इसका पता नहीं चल पाया।
गांव में पसरा रहा सन्नाटा
मृतक अनुज के पिता महेश के मुताबिक पूरे गांव में सिर्फ 15 घर हैं। जिसमें दो रैदास बिरादरी, पांच जमेल ठाकुर व आठ घर पासवार बिरादरी के हैं। घटना के बाद से गांव की गलियां सूनी रहीं। पूरे गांव में सुबह से शाम तक सन्नाटा पसरा रहा।
गांव में तैनात रही पुलिस
कोतवाल अखिलेश चंद्र पांडेय ने बताया कि मामला एक ही गांव पड़ोस का होने से एहतियात के तौर पर फोर्स की तैनाती की गई है। समय-समय पर मैं खुद जाकर गश्त कर रहा हूं और पूरी परिस्थितियों में नजर रखी गई है।