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Fake Inspector Case: पांच किमी में छह जगह दिखा, लिफ्ट ली...पैदल भी चला, फिर भी पुलिस के हाथ न लगा, पढ़ें मामला

Thu, 16 Nov 2023 01:28 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: जितेंद्र के ज्यादा चल फिर न पाने और पास में रुपये न होने के कारण पुलिस को अभी भी उसके शहर में ही छिपे होने की आशंका है। पुलिस का मानना है कि वह कहीं लो प्रोफाइल वाली जगह पर ही छिपा होगा।
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fake inspector case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में हैलट अस्पताल से पुलिस अभिरक्षा से भागे घायल फर्जी एसटीएफ दरोगा को 72 घंटे बाद भी पुलिस नहीं पकड़ सकी। पुलिस को वह करीब पांच किमी के बीच छह जगह फुटेज में नजर आया। हैलट से निकलकर बाइक पर लिफ्ट ली, पैदल भी चला, फिर भी पुलिस के हाथ नहीं लग सका।

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पुलिस मुठभेड़ में घायल फर्जी दरोगा जितेंद्र परिहार इलाज के दौरान 13 नवंबर को हैलट से भाग निकला था। पुलिस ने उसकी तलाश में 65 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज देखने से पता चला कि वह हैलट नहरिया वाले रास्ते से जरीब चौकी से होते हुए एक क्लीनिक पर इलाज के लिए भी गया।
वहां उसने फिर से खुद को दरोगा बताकर डॉक्टर पर रौब गांठा। लेकिन, डॉक्टर के बिना रुपयों के इलाज करने से इन्कार करने पर उसे बिना इलाज निकलना पड़ा। उसने डॉक्टर को बताया कि मुठभेड़ में बदमाश की गोली लगने से वह घायल हुआ है। स्टेशन कैंट साइड पर आखिरी फुटेज में स्टेशन से निकलते दिखा और इसके बाद गायब हो गया। यदि पुलिस समय रहते सक्रिय हो जाती तो उसे पकड़ा जा सकता था।

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हैलट नहरिया के रास्ते लंगड़ाता गया, पहुंचा स्टेशन
शातिर की तलाश कर रही क्राइम ब्रांच व स्वरूपनगर थाना पुलिस को जितेंद्र टाटमिल में टेंपो से उतरते हुए फुटेज में दिखा। इसके बाद पुलिस ने हैलट से टाटमिल के बीच के कैमरों के फुटेज खंगाले। वह हैलट नहरिया के रास्ते लंगड़ाता हुआ जीटी रोड पर पहुंचा। यहां बाइक सवार से लिफ्ट मांगता दिखा। फिर जरीब चौकी पर दिखा।

एक्सीडेंट में चोट आने की बात बताई
एक डॉक्टर के क्लीनिक के साथ ही वह स्टेशन के कैंट साइड में स्टेशन के अंदर जाते और बाहर आते भी दिखा। पास में ही एक कपड़े की दुकान में जाता दिखा। यहां खुद को एसटीएफ दरोगा बताते हुए कपड़े खरीदे। उसे एक्सीडेंट में चोट आने की बात बताई। पुलिस के अनुसार एक होटल संचालक से सीसीटीवी कैमरे के फुटेज मांगे गए हैं।

शहर में ही छिपे होने की आशंका
जितेंद्र के ज्यादा चल फिर न पाने और पास में रुपये न होने के कारण पुलिस को अभी भी उसके शहर में ही छिपे होने की आशंका है। पुलिस का मानना है कि वह कहीं लो प्रोफाइल वाली जगह पर ही छिपा होगा। पुलिस को उसके परिचितों के संपर्क करने का इंतजार है। पुलिस ने बुधवार को हैलट अस्पताल के वार्ड-16 में भर्ती पांच मरीजों और उनके रिश्तेदारों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस के अनुसार जितेंद्र अपने घर नहीं पहुंचा। उसके परिवार, रिश्तेदारों व दोस्तों पर भी नजर है।
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दो जिलों की एसओजी भी तलाश में जुटी
जितेंद्र परिहार की तलाश में स्वरूप थाना पुलिस, स्थानीय एसओजी के अलावा उरई कोतवाली पुलिस और वहां की एसओजी भी उसकी तलाश में जुटी है। उरई कोतवाली पुलिस ने जितेंद्र परिहार के रामपुरा थाना क्षेत्र के जगम्मनपुर स्थित घर समेत कई अन्य संभावित स्थानों पर दबिश दी, लेकिन उसका पता नहीं चला। पुलिस को शक है कि जितेंद्र शहर में ही किसी मददगार के घर या अस्पताल में इलाज करा रहा है। पुलिस टीमें निजी व सरकारी अस्पतालों को भी चेक कर रही है। जितेंद्र पर उरई के विभिन्न थानों में 21 मामले दर्ज हैं।
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