कानपुर में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में ककवन पुलिस आरोपी लेखपाल को क्लीन चिट देकर उसका नाम एफआईआर से बाहर निकालने की तैयारी में थी। इसलिए लेखपाल खुलेआम तहसील में नौकरी करता था और इलाके में घूमता था।
कानपुर में ककवन थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस को डीएनए जांच की अनुमति कोर्ट से मिल गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार को जेल जाकर आरोपी लेखपाल रंजीत बरवार और करन का डीएनए सैंपल लेगी।
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तुरंत उसे हैदराबाद स्थित लैब भेज दिया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अपनी चार्जशीट दाखिल करेगी। दुष्कर्म पीड़िता किशोरी की मंगलवार को प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। पीड़िता ने अक्तूबर में लेखपाल रंजीत और करन व दो अज्ञात पर दुष्कर्म का आरोप लगा एफआईआर दर्ज कराई थी।
लेखपाल और करन जेल भेजे गए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद अब नवजात का सैंपल आरोपियों से मैच कराया जाएगा ताकि पता चल सके दुष्कर्म किसने किया था। वहीं ककवन पुलिस गिरफ्त में आए दो अन्य किशोरों की भी डीएनए जांच कराने की तैयारी कर रही है। रिश्तेदार किशोरों ने पीड़िता से दुष्कर्म की बात कही थी। पुलिस डीएनए जांच रिपोर्ट जल्द मंगवाने के लिए लैब से पत्राचार भी करेगी।
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मृतका के परिजन पहुंचे थाने
दुष्कर्म पीड़िता के परिजन शुक्रवार को ककवन थाने पहुंचे, लेकिन उनकी मुलाकात एसओ से नहीं हो सकी। लिहाजा वह लौट गए। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने सरकारी कार्य से एसओ के बाहर जाने की बात कही। ऐसे में मृतका के परिजन थाने क्यों आए? एसओ से क्या बात करना चाहते थे? पुुलिस कर्मियों ने जानने का प्रयास किया, लेकिन वह एसओ से ही मुलाकात करके अपनी बात रखने की जिद पर अड़े थे।