घर से बाहर निकाल मकान बेचने की धमकी दे रहे थे। संजय की एक डायरी में दो सुसाइड नोट मिले हैं, जिनमें इन तीनों के नाम हैं। थाना प्रभारी मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं, न्याय संघर्ष समिति के संयोजक व उत्तर प्रदेश प्रांतीय व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता, कानपुर के जिला महासचिव प्रदीप तिवारी संजय के परिजनों से मिले।
सूदखोरों से परेशान होकर दी थी जान
बर्रा-5 निवासी वर्षा गुप्ता ने बताया कि पति सनोज (35) साफ सफाई में इस्तेमाल होने वाले केमिकल बनाकर सप्लाई करते थे। कुछ माह से काम कम चल रहा था, इस पर पति ने दो-तीन माह पहले एक गेस्ट हाउस संचालक और एक अन्य व्यक्ति से कर्ज लिया था। वे लोग ब्याज एक दिन देर से पहुंचाने पर पति को धमकाते थे।
इससे सनोज तनाव में थे। वर्षा ने बताया कि मंगलवार रात भर पति जागते रहे। सुबह करीब सवा छह बजे नींद खुली, तो वह पहली मंजिल के छज्जे पर टहल रहे थे। पूछने पर बोले कि रात में भूकंप आया था। इसके बाद वह बेटी को तैयार कर स्कूल छोड़ने चली गई। लौटी तो कमरे में फंदे से उनका शव लटका मिला।