वायरल मैसेज की जानकारी नहीं है। दरोगा की जांच ज्वाइंट सीपी कर रहे हैं। ऐसा कोई तथ्य सामने आने पर उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा। -विजय सिंह मीणा, पुलिस कमिश्नर
बता दें कि कानपुर में गैंगस्टर बलराम राजपूत की पत्नी के नाम की बुलेट खरीदने में फंसे पुलिस कमिश्नर के पीआरओ दरोगा अजय कुमार मिश्रा बुधवार सुबह लाइन हाजिर कर दिए गए। अजय मिश्रा अंडर ट्रांसफर थे इसलिए सीपी ने तत्काल गोरखपुर के लिए रिलीव कर दिया।
हालांकि इसके पीछे भी खेल है। इतने गंभीर प्रकरण में पीआरओ को सिर्फ लाइन हाजिर किया गया। निलंबन की कार्रवाई से बचाते हुए रिलीव इसलिए किया जिससे बड़ी कार्रवाई से बचाया जा सके। मामले की जांच ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी को सौंपी गई है।
इसके अलावा यह बात भी सामने आई है कि पुलिस कमिश्नर का पूर्व पीआरओ अजय कुमार मिश्रा शहर के कई शातिर अपराधियों और विवादित बिल्डरों के संपर्क में है। जिन क्षेत्रों में उसकी तैनाती ही नहीं रही, वहां पर भी इसका जाल बिछा हुआ है। यह सभी उसके सीधे फोन पर संपर्क में हैं। अगर उसके मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाली जाए, तो कई बड़े राज खुल सकते हैं। आशंका है कि उसने कई बड़े खेल भी किए हैं।