मानव जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले तीन नकली दवा निर्माताओं के खिलाफ मुख्य महानगरीय मजिस्ट्रेट (सीएमएम) कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनमें एक लखनऊ और दो कानपुर के रहने वाले हैं। इनके पास से नकली एंटी बायोटिक और दो के पास से पेन किलर पकड़ी गई थी।
ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने 21 जून 2021 को आसिफ मोहम्मद खां पुत्र मुन्ना निवासी नाजिरबाग, बेकनगंज और पिंटू गुप्ता पुत्र कन्हैया लाल निवासी जगईपुरवा, चकेरी को जीफी एंटीबायोटिक दवा के साथ पकड़ा गया था। ये बिल, वाउचर नहीं दिखा पाए।
यह भी नहीं बताया कि दवा कहां से खरीदी। सैंपल की रिपोर्ट में पता चला कि इसमें सीफिक्सीम सॉल्ट ही नहीं है। इन दवाओं को खाने से रोगी को नुकसान हो सकता था। दवा कंपनी ने भी ऐसे किसी व्यक्ति को दवा सप्लाई से मना कर दिया।
जीफी को उच्च श्रेणी की एंटी बायोटिक माना जाता है। यह जीवन रक्षक दवा है। ड्रग इंस्पेक्टर संदेश मौर्या ने बताया कि यह नहीं बता पाए कि दवाएं कहां से खरीदी थीं? इस पर उन्हें निर्माता मानकर सीएमएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया है।