कानपुर देहात। अकबरपुर स्थित इंक्यूबेशन सेंटर में केबल डालने का काम शनिवार को पूरा हो गया। पैनल से केबल जोड़कर मशीनों के संचालन की बिजली लाइन चालू कर दी गई। अब मशीनों का ट्रायल रन हो सकेगा। इसके बाद यहां युवाओं व समूह की महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आलमचंदपुर स्थित उद्यान विभाग की नर्सरी में इंक्यूबेशन सेंटर बना है। यहां दूध, पेठा व बेकरी प्रशिक्षण देने के लिए करीब ढाई करोड़ की लागत से मशीनें लगाई गई हैं। विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी मिलने के बाद स्विच रूम में मीटर व कंट्रोल पैनल लगा दिए गए। इधर आउट गोइंग केबल न डाली जा सकने से सोमवार को चेन्नई से बेकरी व गाजियाबाद से दूध प्रसंस्करण मशीनों के ट्रायल रन के लिए आए इंजीनियर बैठे रहे।
केबल न डाले जाने से मशीनों का ट्रायल रन अटका रहने का मुद्दा मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी ने उठाया था। इसका संज्ञान लेकर डीएम कपिल सिंह ने कार्यदायी संस्था आरईडी से जवाब तलब किया। इधर बृहस्पतिवार को इंक्यूबेशन सेंटर में केबल डालने का काम शुरू कराया गया। शनिवार को केबल डालने का काम पूरा करा लिया गया। पेठा, बेकरी व दूध प्रसंस्करण के लिए लगी मशीनों के संचालन की अलग-अलग तीन बिजली लाइनों की वायरिंग भी करा दी गई।
सहायक अभियंता आरईडी विश्वजीत त्रिवेदी ने बताया कि केबल डालने का काम पूरा हो गया है। ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति जुड़वाने के लिए बिजली निगम के जेई अंबिका पांडेय से संपर्क किया गया है। देर शाम तक लाइनमैन के ट्रांसफार्मर से आपूर्ति जोड़ने की उम्मीद है। इससे स्विच रूम में कंट्रोल पैनल तक बिजली आ जाएगी। इंजीनियर मशीनों का ट्रायल रन कर पाएंगे। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. बल्देव प्रसाद ने बताया कि केबल का काम पूरा हो गया है। बिजली आपूर्ति के अनुसार मशीनों का ट्रायल रन कराया जाएगा। इसके बाद यहां प्रशिक्षण शुरू होंगे।