कानपुर देहात। जनपद के एक नगरीय व 29 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। बदलते मौसम में इस लोग वायरल से परेशान हो रहे हैं और अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। मेले में कुल 2009 मरीज पहुंचे। इसमें 285 त्वचा रोगी रहे जबकि बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या 207 रही। सभी की जांच कर जरूरी दवाएं वितरित की गई।
कभी बारिश तो कभी तेज धूप से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सकों ने मौसमी बीमारी से बचाव के लिए जरूरी सलाह दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि मेले में आने वाले मरीजों में 1020 पुरुष, 753 महिलाएं एवं 236 बच्चे शामिल रहे। कोविड हेल्प डेस्क पर 827 मरीजों की प्राथमिक जांच की गई, हालांकि इनमें से कोई भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला।
इस दौरान पात्र लाभार्थियों के 29 गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। मेले में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही। बुखार से पीड़ित मरीजों में 58 मरीजों की मलेरिया व 12 मरीजों की डेंगू होने की आशंका के चलते जांच की गई, हालांकि सभी की रिपोर्ट बीमारी से ग्रसित होना नहीं पाया गया। इसके अलावा सर्दी जुकाम के 122 मरीज और 152 मरीज पेट के रोग से ग्रसित मरीज रहे। जबकि एनीमिया के 59, मधुमेह के 74 और उच्च रक्तचाप (बीपी) के 56 मरीजों की पहचान कर इलाज शुरू किया गया।
वहीं, 43 मरीजों का नेत्र परीक्षण और 176 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण किया गया। मेले में आने वाली 40 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं पाया गया और चार संभावित क्षय रोग मरीज को चिह्नित किया गया और पांच को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इधर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमरौधा में 63 मरीजों को दवाएं दी गई।
अमरौधा निवासी अमर सिंह ने आंखों में संक्रमण, हमजा, मोहम्मद शाहिद और क्योटरा निवासी दीपिका ने खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत होना बताया। जबकि क्योटरा की विभा ने पेट दर्द की समस्या बताते हुए जांच कराकर दवा ली। पीएचसी प्रभारी डॉ. अरुणेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बदलते मौसम और बारिश के चलते खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। डॉ. पूनम हंस ने मरीजों का परीक्षण कर दवाएं दीं। फार्मासिस्ट अरशद, लैब टेक्नीशियन गौरव, वार्ड बॉय गौरव, बीएचडब्लू कामिनी यादव आदि मौजूद रहीं।