कॉमन सिविल कोड किसी के लिए अच्छा नहीं
मंत्री ने कहा कि समान अचार संहिता किसी भी समुदाय के लिए ठीक नहीं है। अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक दोनों इससे प्रभावित होंगे। इस देश में सिर्फ मुस्लिमों का ही धार्मिक कानून अलग नहीं बल्कि तमाम अन्य धर्मों की जातियों की प्रथाएं अलग अलग हैं। कॉमन सिविल कोड से वह भी प्रभावित होंगी। इसलिए इसे लागू करना बेहतर नहीं है। इस दौरान डॉ. हलीमुल्लाह खां, मौलाना नूरूद्दीन अहमद कासमी, मौलाना मोहम्मद अकरम जामई, मौलाना मो. शफी मजाहिरी, मौलाना अनीसुर्रहमान, कारी अब्दुल मुईद चौधरी, मुफ्ती इजहार मुकर्रम कासमी आदि मौजूद रहे।