क्षतिग्रस्त कार व जख्मी अभिषेक और उनकी पत्नी कनिष्का
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दिल्ली से लखनऊ जा रहे कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल नंदी के पुत्र और बहू की बेकाबू कार एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में दोनों जख्मी हो गए। उनको मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां जरूरी इलाज के बाद दोनों को लखनऊ भेज दिया गया।
हादसा मंगलवार को दोहपर करीब 03:40 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल नंदी के पुत्र अभिषेक गुप्ता और बहू डॉ. कनिष्का अपनी मर्सिडीज कार में सवार होकर एक्सप्रेसवे से होकर लखनऊ की ओर जा रहे थे। कार अभिषेक चला रहे थे। तिर्वा कट से गुजरते ही कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। बताया जा रहा है कि कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि हादसे के बाद कार ने कई पलटी खाईं। हादसे में अभिषेक व कनिष्का जख्मी हो गए। दोनों को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा गया। तिर्वा कोतवाल जितेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे की जानकारी पर बहू कनिष्का के परिजन कानपुर से कॉलेज आ गए थे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एंबुलेंस व पुलिस सुरक्षा के साथ लखनऊ रवाना कर दिया गया।
चश्मदीदों के मुताबिक ओवर स्पीड थी कार, 100 मीटर दूर गिरा इंजन
जिस जगह पर हादसा हुआ, वहां पर मौजूद लोगों के मुताबिक कार की रफ्तार सामान्य से ज्यादा थी। देखते ही देखते कार अनियंतित्र होकर डिवाइडर से टकराकर दूर तक घिसटती चली गई। डिवाइडर से अगला हिस्सा टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया। उसका इंजन निकलकर करीब 100 मीटर दूर जा गिरा।
एयरबैग ने बचाई जान, बहू सड़क पर थी, बेटा कार में ही फंसा था
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक गनीमत रहा कि डिवाइडर से टकराते ही कार का एयरबैग खुल गया। इससे दोनों को गहरी चोट नहीं आई। हादसे के बाद मंत्री की बहू कार के बाहर गिर गईं, जबकि उनके पुत्र कार में ही फंसे रहे। किसी तरह उन्हें बाहर निकाला गया।
सूचना विभाग के कर्मचारी ने निभाई अहम भूमिका
जिस समय एक्सप्रेस वे पर हादसा हुआ, उसी समय कन्नौज सूचना कार्यालय में तैनात लेखाकार शारिक खान अपनी मां के इलाज के लिए अपनी कार से लखनऊ जा रहे थे। जैसे ही वह यहां एक्सप्रेसवे पर चढ़े, सामने हादसे का शिकार उन्हें दिखी। आसपास कोई और गाड़ी नहीं थी। हादसे में जख्मी महिला ने हाथ देकर मदद मांग रही थीं। ऐसे में शारिक अपनी कार किनारे खड़ी कर मौके पर पहुंचे। तब तक जख्मी महिला ने बताया कि अंदर उनके पति फंसे हुए हैं, पहले उन्हें निकालिए। शारिक ने किसी तरह उन्हें कार से बाहर निकाला। इसके बाद सूचना पर पहुंची यूपीडा की टीम दोनों को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले गई। शारिक के मुताबिक उन्हें नहीं पता था कि घायल लोग कौन हैं। उन्हें बाद में पता चला।