कानपुर। 120 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) कानपुर की टीम ने हरियाणा के सोनीपत से सीए लोकेश हसीजा और अधिवक्ता अमन जिंदल को गिरफ्तार किया। दोनों को रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया जहां से दोनों को 15 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसी मामले में पहले एकाउंटेंट तुषाल रहेजा को भी जेल भेजा जा चुका है।
भदोही स्थित मेसर्स गौरव इंडस्ट्रीज, मेसर्स अनिल आर्ट एंड क्राफ्ट, मेसर्स पूनम क्रिएशन और दिल्ली की आठ फर्मों समेत कुल 30 फर्मों के सहारे लगभग 120 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया था। यह फर्में कालीन कारोबार से जुड़ी हैं।
सीए लोकेश हसीजा, अधिवक्ता अमन जिंदल और एकाउंटेंट तुषाल रहेजा मिलकर बोगस फर्मों के जरिये फर्जी बिल तैयार कर टैक्स चोरी करते थे। इसके लिए यह लोग मोटा कमीशन लेते थे। तुषाल का काम सब कुछ को-आर्डिनेट करने का था। पहली गिरफ्तारी 26 सितंबर को तुषाल की हुई थी। दूसरी गिरफ्तारी दिल्ली में हुई थी। इसके बाद रविवार को लोकेश और अमन की गिरफ्तारी हुई। तुषाल, लोकेश और अमन कानपुर जेल में ही हैं।
तुषाल से जेल में की पूछताछ
डीजीजीआई के विशेष लोक अभियोजक अम्बरीश टंडन ने बताया कि स्पेशल सीजेएम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद डीजीजीआई की टीम ने सोमवार को जेल में बंद एकाउंटेंट तुषाल रहेजा से पूछताछ की। कई सवाल किए गए जिसमें तुषाल ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। विवेचना अभी जारी है। कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। तुषाल की स्पेशल सीजेएम कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई है जिस पर सुनवाई नौ अक्टूबर को होगी। वहीं, सीए लोकेश हसीजा की ओर से स्पेशल सीजेएम कोर्ट में दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई सात अक्टूबर को होगी।
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