चार युवकों की बाहर से आने की सूचना मिली
मामले में खुलासे के लिए एसओजी, सीओ बीघापुर ऋषिकांत शुक्ला, कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्रा के साथ दो अन्य टीमें लगाई गई थीं। सीसीटीवी में लुटेरे कांशीराम से होते हुए दही चौकी से हाईवे जाने वाले रास्ते की ओर जाते नजर आए थे। पुलिस को पीड़ित की स्कूटी रात में ही कांशीराम कॉलोनी जाने वाले रास्ते में पड़ी मिली थी। पुलिस लुटेरों की तलाश कर ही रही थी तभी अजगैन कोतवाली क्षेत्र के भगवंतपुर गांव में रात करीब एक बजे गश्त कर रहे ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों ने कानपुर और लखनऊ नंबर की बाइक खड़ी देख जानकारी जुटाई, तो चार युवकों की बाहर से आने की सूचना मिली।
लुटेरों पर अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज हैं
चोर-चोर का शोर मचाकर लोगों ने घेराव कर लिया। अजगैन पुलिस के साथ खुलासे में लगी टीमें में भी वहां पहुंच गई। पूछताछ में सभी ने लूट की घटना स्वीकार की। पुलिस लुटेरों को कोतवाली ला रही थी, तभी कानपुर नौबस्ता निवासी आरोपी राहुल ने पुलिस पर हमला बोला, बचाव में पुलिस को भी फायरिंग करनी पड़ी। गोली आरोपी के दाहिने पैर में लगने से वह घायल हुआ। पकड़े गए लुटेरों में सीतापुर निवासी शरीफ, लखनऊ का सूरज यादव और गंजमुरादाबाद का बंटी शामिल हैं। घटना का खुलासा करते हुए एसपी दीपक भूकर ने बताया कि सभी लुटेरों पर अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज हैं।
लुटेरे बंटी ने की थी रेकी, साथी के रिश्तेदार के घर होना था बंटवारा
लूट की घटना में शामिल गंजमुरादाबाद निवासी बंटी ने सराफा व्यापारी की रेकी की थी। वह एक सप्ताह से पावा से राजेपुर तक व्यापारी के आने के समय, कैसे आते जाते हैं..इसकी रेकी कर रहा था। पूरी जानकारी जुटाने के बाद लूट की योजना बनाई गई थी। लुटेरों का साथी कानपुर निवासी पवन के रिश्तेदार अजगैन कोतवाली क्षेत्र के भगवंतपुर गांव में रहते हैं। लूट के बाद सामान के बंटवारे के लिए सभी वहीं गए थे। लेकिन चोर के शोर ने पूरा काम बिगाड़ा और लुटेरे पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस पवन से घटना की पूरी सच्चाई जानने का प्रयास कर रही है।