रूरा। नगर के नहर पुल के आसपास नहर पटरी पर कई साल से जमे अवैध कब्जेदारों के खिलाफ रविवार को अभियान चला। सिंचाई विभाग की ओर हुई कार्रवाई में 52 अतिक्रमण ध्वस्त कराए गए। इस दौरान तहसील प्रशासन के अधिकारी व पुलिस बल मौजूद रहा।
नगर में जनका देवी डिग्री कॉलेज मार्ग, नहर कोठी मार्ग व रूरा-झीझक मार्ग पर कई सालों से छप्पर, टट्टर, लकड़ी की पेटी, टीन शेड व पक्के निर्माण कर लिए थे। रविवार की दोपहर तीन बजे के करीब अवैध कब्जे हटाने के लिए अभियान शुरू हुआ। बुलडोजर गरजा तो कब्जेदार दूर हट गए। एक-एक कर अवैध अस्थायी व स्थाई निर्माण ध्वस्त करा दिए गए। अभियान करीब दो घंटे चला।
सिंचाई विभाग के जेई महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दुकानदारों ने नहर पटरी पर अवैध कब्जे कर लिए थे। छह माह पहले सर्वे कर अतिक्रमण चिन्हित किए गए। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई थी। वहीं तीन माह पहले अवैध कब्जेदारों को अल्टीमेटम दिया गया था। मगर सभी ने अनसुना कर दिया। 15 अप्रैल को नोटिस चस्पा की गई थी।
रविवार को बुलडोजर चलाकर अस्थायी व स्थायी कुल 52 अतिक्रमण ध्वस्त करा दिए गए। नायब तहसीलदार अकबरपुर रवींद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि एसडीएम सदर अवनीश कुमार सिंह के निर्देश पर अभियान चलाकर नहर पटरी से अवैध कब्जे हटवाए गए हैं। दोबारा कब्जा करने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। इस मौके पर सिंचाई विभाग के पर्यवेक्षक विवेक शुक्ला, जिलेदार दिनेश कुमार, लेखपाल वरूण कटियार, एसएसआई धर्मेंद्र मलिक, चौकी इंचार्ज राकेश सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
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प्रभावशाली वसूल रहे थे किराया
रूरा में नहर पुल से लगा क्षेत्र कारोबारी गतिविधि वाला है। यहां फल, सब्जी, मिठाई आदि की दुकानें खूब चलती हैं। अच्छी कारोबारी गतिविधि का फायदा लेने के लिए प्रभावशालियों ने यहां टीन व टट्टर आदि लगाकर नहर की पटरी आदि पर कब्जा किया। इसके बाद कारोबारियों को यह जगह किराए पर दे दी। जानकारों का कहना है कि कई सालों से प्रभावशाली नहर की जमीन पर कब्जा कर इसे किराए पर देकर कमाई कर रहे थे। ध्वस्तीकरण अभियान से प्रभावशालियों की वसूली पर चोट लगी है।