आईआईटी में कंज्यूमटर एक्टर पर कार्यक्रम के दौरान मौजूद वक्ता एवं अधिकारीगण
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नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रीड्रेसल कमीशन (एनसीआरडीसी) के सदस्य डा. बीसी गुप्ता ने कहा कि उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा बिल्डर ही परेशान करते हैं। पिछले कुछ सालों में बिल्डरों की सबसे ज्यादा शिकायतें उपभोक्ता फोरम में आई हैं। अगर कंज्यूमर पूरी तरह से जागरूक हो जाए तो ऐसी समस्याएं रुक सकती हैं। आईआईटी में सेकेंड ‘इंटनरेशनल कांफ्रेंस ऑन लॉ एंड इकोनॉमिक्स 2016’ में उन्होंने कंज्यूमर एक्ट पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्री गुप्ता ने बताया कि अब यूएनओ ने भी कंज्यूमर प्रोटक्शन एक्ट पास कर दिया है। अब इसका पालन यूएनओ से संबंधित सभी देशों को करना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि कंज्यूमर के मामले की सुनवाई किसी भी हालत में तीन माह के अंदर हो जानी चाहिए। गुप्ता ने अन फेयर ट्रेड प्रैक्टिस पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।
जर्मन प्रोफेसर बोले, भारतीय अधिग्रहण बिल मजबूत
कानपुर। ब्यूसिरियस लॉ स्कूल, जर्मनी के प्रोफेसर हैंस बर्नेड स्कैफर ने एक सर्वे रिपोर्ट के हवाले से कहा कि दुनिया भर के नेता एक समान हैं। सब पहले अपने लिए सोचते हैं फिर किसी और के लिए। उनकी सोच हर जगह समान है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में भूमि अधिग्रहण के लिए अलग-अलग नियम कानून हैं। चीन, फ्रांस जैसे कई ऐसे देश हैं जहां अधिग्रहण के लिए मुआवजा नीति सही नहीं है। इस मामले में भारत सबसे मजबूत है। उन्होंने भारतीय अधिग्रहण बिल को जर्मनी से भी मजबूत बताया।
प्रतिस्पर्धा से मजबूत होंगे आर्थिक हालात
कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया की सेक्रेटरी स्मिता झीनग्रान ने उद्योग जगत में स्वस्थ और मजबूत प्रतिस्पर्धा को देश की आर्थिक व्यवस्था के लिए जरूरी बताया। कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ही कॉम्पिटिशन एक्ट 2002 को लागू किया गया। यह देश के विकास के लिए बेहद जरूरी है और प्रत्येक देशवासियों को इस कानून के बारे में जानकारी रखनी चाहिए।
ईमानदारी से सेवा करें डॉक्टर
कांफ्रेंस को एनसीआरडीसी के दूसरे सदस्य डा. एसएम कांतिकार ने भी संबोधित किया। उन्होंने डॉक्टर और मरीज के संबंधों के बारे में बताया। कहा कि कई मामले ऐसे आते हैं जहां डाक्टर बेईमानी कर मरीज को धोखा देता है। यह गलत है। डाक्टरों को ईमानदारी से लोगों की सेवा करनी चाहिए। इसके पहले डीन फैकल्टी अफेयर्स प्रो. के मुरलीधर ने डायरेक्टर का वेलकम मैसेज पढ़ा। गुजरात नेशनल लॉ कॉलेज के डायरेक्टर प्रो. बिमल एन पटेल और आईआईएम अहमदाबाद के प्रो. इरोल डीसूजा ने भी अतिथियों का स्वागत किया। यूनिवर्सिटी ऑफ वॉरविक्स के प्रो. उपेंद्र ने इकोनॉमी पॉलीसि के लिए मजबूत लॉ को जरूरी बताया।