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अब इसे 'गंगा जल' कहें या 'कीड़ा जल', तस्वीरों में देखें हकीकत

Thu, 02 Mar 2017 03:14 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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गंगा नदी के जल में मिले कीड़े - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
भारतीय संस्कृति में गंगाजल का महत्व लोगों की आस्था से जुड़ा है। गंगा भगवाना शंकर की जटाओं से निकलती है, इसलिए यह पवित्र समझी जाती है। गंगाजल को लोग पूजा और घर की शुद्धी आदि के लिए प्रयोग करते हैं।
 
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गंगा नदी में मिले किड़े पानी के ग्लास में भर कर दिखाते हुए - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
इसकी पवित्रता को लेकर लोगों की मान्यता यह भी रही है कि गंगाजल में कभी कीड़े नहीं पड़ते। लेकिन यह मान्यता अब बदलते नजर आ रही है। क्योंकि आज धरातल पर हकीकत जो बयां कर रही है उस पर यह मान्यता तो नहीं टिक पा रही।  

दरअसल, कानपुर में बुधवार को गंगाजल में कीड़े पाए गए हैं। यदि आप अपनी आखों से उन तस्वीरों को देख लेंगे जो अमर उजाला के फोटो जर्नलिस्ट ने खींची है तो आपको हैरानी होगी।

 
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गंगा की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
गंगा में नालों का गंदा पानी गिरने की वजह से लाल रंग के छोटे-छोटे कीड़े पनपने लगे हैं। इन कीड़ों की संख्या इतनी ज्यादा है कि कानपुर का गंगाजल अब पीने लायक तक नहीं रहा है। एक कांच के ग्लास में पानी भरकर देंखिए, खुद तस्वीर साफ हो जाएगी।  

लोग इसी गंगा में पवित्र स्नान जैसे मौकों पर गोते लगाने पहुंचते हैं। यह जानकर भी अनजान बने रहते है कि गंगा में औद्योगिक इकाइयों और गंदे नालों का कचरा सीधे गंगा में जा रहा है जिससे उन्हें कोई भी बड़ी बीमारी लग सकती है।
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सैम्पलिंग के लिए प्रदूषण नियंत्रण समिति पहुंची गंगा नदी - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
गंगा में कीड़े पाए जाने की खबर से सरकारी महकमों में जबरदस्त हलचल मच गई है। गुरुवार को प्रदूषण निंयत्रण समिति जागी और सैम्पलिंग के लिए कानपुर के परमट घाट पर पहुंची।
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