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यहां छत पर नाचती है मौत, दहशत में जी रहे गांव के लोग

Thu, 02 Mar 2017 09:52 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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उत्तर प्रदेश में एक ऐसा गांव भी है जहां घरों की छतों पर मौत नाचती है। कहते हैं यहां अंधेरा होने पर कोई छत पर चला जाए तो समझो उसकी मौत आनी तय है। इस वजह से गांव वाले भयंकर दहशत में आ गए हैं। 



 
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औरैया ज‌िले के सहार इलाके के इस गांव में मौत का सांया जब छतों पर मंडराता है तो लोग डर के मारे घरों में दुबकने को मजबूर हो जाते हैं। मां बांप के ल‌िए इस दुव‌िधा की घड़ी में सबसे बड़ी मुसीबत अपने कलेजे के टुकड़ों को संभालकर रखना होता है।

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दरअसल, मां-बाप की आंखों के ये नन्हें मुन्हें तारे नहीं जानते क‌ि उनके घरों की छत पर क्या है। वे नादान मना करने के बाद भी छत की ओर जाते है। उनकी ज‌िज्ञासा उन्हें ऐसा करने को मजबूर करती है। वे सोचते हैं आख‌िर छत पर ऐसा क्या है जो वहां जाने से उन्हें रोका जा रहा है। और इस नादान भूल में कोई न कोई नादाना श‌िकार बन ही जाता है। 



 
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दरअसल, औरैया के सहार क्षेत्र के गांव बदरियापुर में करीब आधा दर्जन घरों की छतों से बिजली की नंगी तारें गुजरी हैं। खुली पड़ी तारों का भयानक खौफ इन पर‌िवारों के द‌िलों में बैठा है। उन्होंने बच्चों के छत पर जाने से रोक लगा रखी है। केवल यही नहीं इस कारण से लोग छतों पर निर्माण कार्य भी नही करा पा रहे हैं। कई घर ब‌िना मरम्मत के जरजर पड़े हैं। 

बदरियापुर में इश्तयाक खां, इरफान खां ,शरीफ खां, इकरार खां व अबरार खां के घर के छतों से बिजली की लाइन गुजरी है। कई बार घर के बच्चे करंट की चपेट में आ चुके हैं। अबरार खां के पिता सिराज अहमद को छह साल पहले करंट लगा था। वह छत के नीचे आ गिरे। वह आज तक ठीक से चल नही पाते। हालत यह है कि घर के लोग अब छतों पर जाने से कतराने लगे हैं। बारिश के दिनों में घरों में करंट दौड़ने का भी डर रहता है। अक्सर अर्थिंग आनेे से बिजली के उपकरण भी फुंक जाते हैं। ग्रामीणों ने कई बार बिजली विभाग से समस्या समाधान की मांग की। लेकिन कोई ध्यान नही दे रहा है। जेई रामबहादुर ने बताया कि उन्हें जानकारी नही है। अगर कोई लिखित शिकायत देता है तो लाइन शिफ्ट कराने का इस्टीमेट तैयार कराएंगे।
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