आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में तैनात रहे एसआई की हत्या के 25 साल पुराने मुकदमे में फतेहगढ़ जेल से लाए गए बसपा नेता अनुपम दुबे की जमानत अर्जी मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट शैलेंद्र यादव ने खारिज कर दी है। इसके बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी। फर्रुखाबाद में तैनाती के दौरान अनुपम दुबे के खिलाफ दर्ज एक मुकदमे की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर राम निवास यादव स्थानांतरण के बाद ईओडब्ल्यू में भेजे गए थे। तभी वर्ष 1996 में अनुपम ने रामनिवास की ट्रेन में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
जीआरपी थाने में अनुपम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। अनुपम दुबे के कोर्ट में हाजिर न होने पर उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट व कुर्की आदेश जारी हुआ था। इसके बाद अनुपम ने फर्रुखाबाद में दर्ज एक दूसरे मुकदमे में समर्पण कर दिया था। उसे फतेहगढ़ जेल में रखा गया था।
हत्या के मामले में सोमवार को कड़ी सुरक्षा में उसे सीएमएम कोर्ट लाया गया। यहां उसकी जमानत अर्जी खारिज हो गई। अनुपम के अधिवक्ता सुधीर कुमार द्विवेदी ने बताया कि जल्द ही सेशन कोर्ट में अनुपम की जमानत के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी।