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फुफेरे भाई ने किया शारीरिक शोषण तो पिता ने फेर ली नजरें, मासूमों की सिसकियाें से भी नहीं पसीजा दिल

Sun, 08 Mar 2020 11:12 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social media
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उन्नाव में फुफेरे भाई के शारीरिक शोषण का शिकार हुए मासूम भाई बहन को उनेके पिता ने साथ रखने से इंकार कर दिया। मां की मौत के बाद से बुआ के घर रह रहे दोनों मासूमों को बाल कल्याण समित राजकीय बालगृह लखनऊ भेजा गया है। उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक की पत्नी की तीन साल पहले मौत हो गई थी।
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जिस पर उसने अपनी 11 साल की बेटी व 8 साल के बेटे को सफीपुर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली बहन के घर छोड़ दिया था और खुद कानपुर में रहकर वहीं जनरलगंज में नौकरी करने लगा। बुआ के घर रह रहे मासूम भाई-बहनों का फुफेरे भाई ने शारीरिक शोषण किया। यातनाएं सहन न हुईं तो भाई-बहन 1 मार्च 2020 की रात बिना किसी को कुछ बताए पिता के पास जाने के इरादे से घर से भाग निकले थे।

 
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लोगों की सूचना पर पहुंची चाइल्ड हेल्प लाइन टीम ने बच्चों को सहारा दिया। दोनों ने फुफेरे भाई के शारीरिक शोषण और विरोध करने पर मारपीट की दास्तां सुनाइ। चाइल्ड हेल्प लाइन की सूचना पर सफीपुर कोतवाली पुलिस ने आरोपी फूफेरे भाई की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को बाल सुधार गृह भेज दिया। टीम ने बच्चों के पिता को कानपुर से बुलाया।

रविवार को बच्चों का पिता यहां पहुंचा लेकिन बच्चों को साथ रखने से इनकार कर दिया। जिस पर बाल कल्याण समिति के सदस्य अरिंदम सिंह व मालती शर्मा ने लखनऊ राजकीय बाल गृह से संपर्क किया और दोनों को रविवार शाम भेज दिया। सगे पिता की बेरुखी से मासूम भाई-बहन सिसक पड़े। पिता कानपुर के जनरलगंज में एक भवन निर्माण सामग्री की दुकान में मजदूरी करता है।

एसपी ने भी ली जानकारी
एसपी विक्रांतवीर भी रविवार को बाल कल्याण केंद्र पहुंचे और वहां मौजूद मासूम भाई-बहनों से जानकारी ली। 11 साल की बच्ची ने एसपी को बताया कि उसकी बुआ घर का पूरा काम कराती थी। खाना भी उसे ही बनाना पड़ता था। बच्ची ने बताया कि फुफेरे भाई की शिकायत करने पर एक बार बुआ ने उसे घर से बाहर कर दिया था।
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