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अंधेरगर्दी: एक घंटे में 50 वाहनों की हो गई फिटनेस, ऑटोमेटिक सेंटर न शुरू होने का दलाल उठा रहे फायदा

Fri, 23 Dec 2022 10:31 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर न शुरू होने का दलाल फायदा उठा रहे हैं। इसके चलते बिना दलाल फिटनेस कराने वाले बैरंग लौट रहे हैं। वहीं, फिटनेस के दौरान न ब्रेक चेक होती है और न स्टीयरिंग। फार्म पर वाहन चेसिस का नंबर उतारकर फिटनेस चेकिंग हो रही है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में जर्जर और अनफिट कॉमर्शियल वाहनों को परिवहन विभाग से जारी होने वाले फिटनेस प्रमाण की वजह मैनुअल तरीका और खानपूरी करना है। पनकी के फिटनेस सेंटर में एक घंटे में करीब 50 ट्रकों, बसों और कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस हो जाती है।

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वाहन लेकर चालक सुबह छह बजे से सेंटर पहुंच जाते हैं। सुबह नौ से 10 बजे तक आरआई यहां पर फिटनेस का काम देखते हैं। दलालों के माध्यम से पहुंचे इन वाहनों के ब्रेक, क्लच और स्टीयरिंग तक नहीं चेक की जाती है।
फिटनेस के लिए आई गाड़ियों की चेसिस का नंबर फिटनेस फार्म पर पेंसिल से रगड़कर उतारा जाता है।
इसके बाद हस्ताक्षर बना दिए जाते हैं। जो गाड़ियां बिना दलालों के पहुंचती हैं, उनमें कमियां निकालकर लौटा दिया जाता है। सड़क दुर्घटनाओं में फिटनेस प्रमाण पत्र होते हुए भी वाहनों में ब्रेक और स्टीयरिंग में कमी मिलने पर फिटनेस सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया था।

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शासन ने सचेंडी के किसान नगर में ऑटोमेटिक वाहन फिटनेस सेंटर बनवाने का आठ करोड़ 39 लाख 35 हजार रुपये का बजट दिसंबर 2019 में जारी किया था। 2021 में इसे चालू होना था, लेकिन बनने के बाद मशीनें न आने से इसे शुरू नहीं कराया जा सका है।

ड्राइवर बोले- रोजाना कमाने खाने वालों को भी नहीं छोड़ते
यशोदा नगर में तिपहिया लोडर लेकर फिटनेस कराने आए रहमत ने बताया कि तीन दिन तक उन्हें वापस किया गया। कहा गया कि वाहन बॉडी के ऊपर तिरपाल बांधने के लिए जो एंगल लगाया है, वह नियमों का उल्लंघन है। इसे कटवाकर लाओ।

ऐसी दूसरी कई गाड़ियों की फिटनेस होने का हवाला दिया, तो दलाल ने कहा कि 2500 रुपये दो काम हो जाएगा। दादानगर नहर पट्टी के अमन ने बताया कि उनके लोडर में रेडियम पट्टी लगी थी। फिटनेस सेंटर के दलाल ने कहा कि यह नहीं मानी जाएगी। वहां एक दूसरा दलाल पट्टी लगाने का काम कर रहा था। उसने पांच मीटर रेडियम पट्टी के 610 रुपये लिए।

कल्याणपुर के अमित दुबे की ओमनी कार स्कूल में लगी है। उनकी कार में भी रेडियम पट्टी गलत बताकर फिटनेस के तीन हजार रुपये लिए गए। इसी तरह  दादानगर के रामबाबू ने बताया कि लोडर की फिटनेस के लिए चार दिनों से चक्कर लगा रहा हूं। उन्होंने बताया कि साइलेंसर से आवाज बहुत आ रही है। ठीक कराकर लाओ।

ठीक कराकर पहुंचे, तो कहा गलत हो गया, साइलेंसर बदलाकर लाओ। फिर दलाल को दो हजार रुपये दिए और फिटनेस हो गई। इन ड्राइवरों ने कहा कि रोज कमाने खाने वालों से फिटनेस के नाम पर वसूली हो रही है। बड़े ट्रांसपोर्टरों और बस मालिकों की अफसरों से ही बातचीत हो जाती है।

आरआई बोले- मेरे सामने कोई ऐसा आया हो, तो बताओ
दलालों की कारगुजारियों की जानकारी जब आरआई अजीत सिंह को दी, तो उन्होंने कहा कि मेरे सामने जो भी वाहन के आवेदन फार्म आए हैं, उन्हें सामने लाइए। उन्होंने कहा कि सुबह छह बजे से यह काम चल रहा है और जो फार्म आपको देने वाले हैं। यह विभाग का स्टाफ है या कोई और। इसके बारे में कोई जानकारी उन्होंने नहीं दी।
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ऑटोमेटिक वाहन फिटनेस सेंटर बनकर तैयार है। जैसे ही यूपी राज्य निर्माण सहकारी संघ मशीनें उपलब्ध करा देगा, तो इसे चालू करा दिया जाएगा। फिटनेस सेंटर में अगर किसी की शिकायत है, तो वह उनसे सर्वोदय नगर ऑफिस में आकर कर सकता है। कार्रवाई की जाएगी।  -राजेश सिंह, आरटीओ प्रशासन, कानपुर नगर
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