महिलाओं को आवास नहीं मिला, तो जिलाधिकारी से शिकायत की
वहीं पर उनकी मुलाकात शाहिद से हुई। उसने आवास दिलाने की बात कही और इसके बदले रुपयों की मांग रखी। तीन से चार बार में करीब 35 हजार रुपये पूनम समेत कई महिलाओं से अलग-अलग ले लिए। जब छह माह बाद भी महिलाओं को आवास नहीं मिला, तो पूनम ने सोमवार को जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने शाहिद को पकड़ने के लिए एडीएम सिटी को निर्देश दिए थे। मंगलवार को शाहिद एसडीएम कोर्ट के बाहर पहुंचा था।
एडीएम सिटी ने शाहिद को जमकर फटकार लगाई
सूचना पर एडीएम सिटी ने उसे पकड़वा लिया। पूछताछ में शाहिद ने बताया कि कई वर्ष पहले उससे एडीएम जे कार्यालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 70 हजार रुपये लिए गए थे, लेकिन नौकरी नहीं मिल सकी। तब से उसका कलक्ट्रेट में आना-जाना हो गया। एडीएम सिटी ने शाहिद को जमकर फटकार लगाई। फोन कर कोतवाली पुलिस को बुलाया और उनके हवाले कर दिया।
ऐसे पकड़ में आया दलाल
सप्ताह भर पहले महिला की शिकायत पर डीएम ने एडीएम सिटी को निगरानी कर दलाल को पकड़ने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गेट पर तैनात और परिसर में तैनात कर्मियों को इसकी निगरानी करने के लिए एडीएम ने कहा था। मंगलवार को जैसे ही वह गेट के अंदर आया, तो किसी कर्मी ने डीएम के पीए रणधीर सिंह को मैसेज कर उसके अंदर आने की जानकारी दी। रणधीर ने एडीएम सिटी को इस बाबत बताया तो वह कार्यालय से नीचे आए और दलाल को पकड़कर अपने कार्यालय ले गए।
एडीएम न्यायिक-एसडीएम कोर्ट में था बोलबाला
सूत्रों के मुताबिक शाहिद कई वर्षों से एडीएम न्यायिक कोर्ट में बैठता था। उनके कोर्ट में चल रहे मुकदमों की पैरवी करता था। तत्कालीन पेशकार का करीबी बताया जाता है। इसके साथ एसडीएम सदर कोर्ट के भी मुकदमों की पैरवी कराता था। उनको निपटाने के लिए सुविधा शुल्क भी लेता था। यही नहीं विकास भवन स्थित डूडा कार्यालय में भी आना जाना था। कर्मचारियों से मिलीभगत से योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पैसा लेता था।
जिलाधिकारी से शिकायत के बाद निगरानी की जा रही थी। पकड़ा गया युवक शाहिद कई सालों से कलक्ट्रेट में दलाली कर रहा था। शिकायत के बाद इसकी पोल खुली। कोतवाली पुलिस को बुलाकर उसे गिरफ्तार करा दिया गया है। कोई भी दलाल अब छोड़ा नहीं जाएगा। -डॉ. राजेश कुमार, एडीएम सिटी