सर्वोदय नगर स्थित क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय में रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार पीएफ इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। सीबीआई द्वारा इंस्पेक्टर की संपत्तियों का ब्योरा जुटाने के साथ विभाग से आयकर रिटर्न मांगा है।
कानपुर में तीन लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार पीएफ इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव पर सीबीआई शिकंजा कसती जा रही है। इसकी संपत्तियों का ब्योरा जुटाने के साथ ही विभाग से इसकी ओर से दाखिल किए जाने वाले चार साल के आयकर रिटर्नों के दस्तावेज मांगे गए हैं।
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आरोपी के साथी पीएफ इंस्पेक्टर के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं मुख्यालय विभाग की छवि सुधारने की कवायद में जुट गया है। उच्च अफसरों से लेकर प्रवर्तन तक के अफसरों की तबादला सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही विभाग में बड़े स्तर पर तबादले हो सकते हैं।
25 अप्रैल को क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय सर्वोदय नगर में सीबीआई ने छापा मारकर पीएफ इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया था। आरोपी इंस्पेक्टर 2018 से शहर में तैनात है। सूत्रों के अनुसार आरोपी ने साथी के साथ मिलकर करीब पांच करोड़ से ज्यादा की उगाही की है।
ऐसे में सुबूतों को पुख्ता करने के लिए आरोपी के आयकर के रिटर्नों को खंगाला जा रहा है। आरोपी का साथी कार्यालय में नियमित आ भी नहीं रहा है। सीबीआई ने कार्यालय में लगे सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग भी जब्त की है।