हमीरपुर के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के सुरौली बुजुर्ग गांव में बृहस्पतिवार की दोपहर उफनाई यमुना नदी में छोटी नाव पलटने से एक महिला और फतेहपुर के अधेड़ बह गए। छह लोगों को ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर डूबने से बचा लिया। नाव में आठ लोग सवार थे।
मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने कानपुर से पीएसी के 12 गोताखोरों संग रेस्क्यू चलाया, मगर 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी दोनों का पता नहीं चला। मौके पर एसपी और प्रशासन के अफसर भी मौजूद रहे।
फतेहपुर के कई लोग रक्षाबंधन पर्व मनाने परिवार संग सुरौली बुजुर्ग आ रहे थे। गांव आने के लिए अन्य कोई साधन न होने से ये लोग नाव के जरिए यमुना नदी पार कर आते-जाते हैं। सुरौली बुजुर्ग से एक महिला पति और आठ साल के बच्चे संग फतेहपुर जिले स्थित मायके रक्षाबंधन मनाने जा रही थी।
नाव में सुरौली बुजुर्ग गांव के पांच अन्य लोग भी सवार थे। दोपहर 12 बजे जैसे ही नाव कुछ दूर पहुंची अचानक तेज हवाएं चलने से हिचकोले खाने लगी और पलट गई। नाव पलटने से सभी सवार डूबने लगे। नदी किनारे खड़े दिनेश नाम के व्यक्ति ने नजारा देखा तो शोर मचाया।
इस पर आसपास मौजूद कई ग्रामीण अन्य नावों के सहारे छह लोगों को बाहर निकाल लिया, मगर दो लोग निशा (27) और जगन्नाथ (52) नदी की तेज धारा में बह गए। नदी में नाव डूबने की सूचना पर एसपी हेमराज मीना, एडीएम विनय प्रकाश श्रीवास्तव, एएसपी संतोष सिंह और सीओ सदर अनुराग सिंह आदि मौके पर पहुंचे और डूबे लोगों की तलाश शुरू कराई। एसपी ने बताया कि कानपुर पीएसी के 12 गोताखोरों को भी तलाश में उतारा गया है। उधर, सुरौली प्रधान प्रतिनिधि रामफूल निषाद का कहना है कि मजबूरी में लोगों को नाव से नदी पार करना पड़ता है।
इन लोगाें को सुरक्षित निकाला
अंगद (8) पुत्र धरमू निषाद, धरमू निषाद (29), रामकेश (35), साधना (13) पुत्री रामकेश, फतेहपुर के चांदपुर क्षेत्र के मवईधाम निवासी सुनील (21) पुत्र रामशंकर और बांदा के जसपुरा थाना क्षेत्र के गड़रिया निवासी रामअवतार (60) पुत्र जलमा।
इनका नहीं चला पता
हमीरपुर के सुमेरपुर क्षेत्र के सुरौलीबुजुर्ग गांव की निशा (27) पत्नी धरमू निषाद, फतेहपुर के चांदपुर थाना क्षेत्र के धाना निवासी जगन्नाथ (52) पुत्र छिदुवां।