सरकार पशु क्रूरता पर बने कानून व पशुओं के अधिकारों के कानून के बोर्ड हर थाने में लगवाए ताकि पुलिस भी ऐसे मामलों में थोड़ी संवेदना बरतें। ये बातें रिस्पेक्ट द वाइसलेस संस्था की संचालिका शुभांगी सरावगी ने नवीन मार्केट में बेजुबान प्राणियों पर बढ़ते अमानवीय रवैये व क्रूरता की घटनाओं को रोकने का काम करने वाली संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे जन जागरण कार्यक्रम में कहीं।
यहां पर्चे बांटकर पशु अधिकारों के प्रति शहरियों को जागरूक किया गया। पशु प्रेमी राहुल भल्ला व अंकिता यादव ने कहा कि बेसहारा पशु जब नगर निगम की संपत्ति माने जाते हैं तो इनको गर्मियों में पानी पिलाने के लिए नगर निगम को शहर में एक हजार हौदे बनवाने चाहिए।
स्ट्रीट्स डॉग ऑफ कानपुर की नैनप्रीत कौर और आकृति राजपाल ने बताया किसी भी पशु को घायल करना गैर जमानती अपराध है। हत्या करने पर सात साल की सजा का प्रावधान है। बेजुबानों की रसोई चलाने वाले मनहर कांत गिहानी ने कहा आप सभी घरों से निकलने वाले फलों-सब्जियों के छिलकों और बासी खाने को कूड़े में मत फेंकिये। यह इन जानवरों के लिए आहार बन सकता है।
इस मौके पर टीम कानपुर फॉर वॉइसलेस के संयोजक गौरव बाजपेई, दान फाउंडेशन के आशुतोष त्रिपाठी, हीरो फाउंडेशन की पल्लवी शुक्ला, चेन ऑफ चेंज आर्गेनाइजेशन के कमल यादव, गौरव अपर्णा बाजपेई, हिमानी श्रीवास्तव, स्पेशल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स एंड रेप्टाइल्स सोसाइटी की तमन्ना सेठी, ज्ञानेंद्र अवस्थी, नमामि धेनु फाउंडेशन के सचिन गौर, अर्पित जैन, उम्मीद एक किरण के मयंक अवस्थी और मयंक त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।