बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट नरेश पांडेय ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने देर रात आपत्तिजनक फोटो खींचने, वीडियो बनाने, षड्यंत्र रचने और आईटी एक्ट की धारा बढ़ा दी है। एडवोकेट के मुताबिक सुबह 10 बजे पुलिस ने प्रिंस राज को एमएम 2 कोर्ट में पेश किया और रिमांड ले ली। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब उसके खिलाफ गैंगस्टर की तैयारी कर रही है।
बचाव पक्ष के आने से पहले कोर्ट में हाजिर
पुलिस के पास इस मामले में कोई सबूत नहीं थे। जिसके चलते बुधवार को कोर्ट ने प्रिंस राज की रिमांड लौटा दी थी। जिसकेचलते पुलिस ने प्रिंस राज के खिलाफ देर रात धाराएं बढ़ा दी और गुरुवार को उसे कोर्ट में हाजिर कर दिया। इस दौरान बचाव पक्ष के वकील कचहरी नहीं पहुंच पाए थे। अधिवक्ता के अनुसार ज्यादातर एडवोकेट साढ़े दस के बाद ही कचहरी आते हैं, जिसका पुलिस ने फायदा उठा लिया।
यह था मामला
प्रिंस राज और उसकी महिला मित्र रितिका तिवारी के खिलाफ एक पीड़िता ने काकादेव थाने में मारपीट, जानबूझकर अपमान करना, भय दिखाकर जबरन वसूली करना और विषैला पदार्थ खिलाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में सोमवार को प्रिंस और रितिका को पुलिस उठा लाई थी।
मंगलवार को रितिका को जेल भेजा गया मगर प्रिंस पर मेहरबानी बरती गई। मामला अधिकारियों तक पहुंचने पर पुलिस ने चोट पहुंचाने के लिए बिना अनुमति घर में घुसने की धारा बढ़ाई। । बुधवार को प्रिंस राज को एमएम 2 कोर्ट में पेश किया गया मगर कोर्ट ने रिमांड लौटा दी थी। इसके बाद पुलिस ने फिर से गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश किया था।
लोअर कोर्ट से जमानत खारिज, एडीजे कोर्ट में होगी सुनवाई
प्रिंस राज श्रीवास्तव की जमानत अर्जी एमएम 2 कोर्ट में दाखिल की गई थी, जो कोर्ट ने खारिज कर दी है। इसके बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने एडीजे 3 कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल कर दी गई है। जिस पर 16 अगस्त को सुनवाई होगी।
गैंग बनाकर करते हैं ब्लैकमेलिंग और वसूली का खेल
प्रिंस लाला व उसके विरोधी गैंग के लोग ब्लैकमेलिंग और वसूली का खेल कर रहे हैं। इसमें लड़कियां भी शामिल हैं। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर ऐसे गैंगों की कुंडली निकाली जा रही है। जिस केस में प्रिंस जेल भेजा गया है, उसमें सामने आया कि वह और रितिका मिलकर इसी तरह से गैंग चलाकर वसूली का खेल करते हैं। पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई तो केस की वादिनी नितिका का संपर्क कल्याणपुर के बदमाश अजय ठाकुर से सामने आया। कई कॉल रिकॉर्डिंग भी पुलिस को मिली, जिसमें वसूली व मारपीट करने संबंधी बातचीत भी है। अजय ठाकुर पहले से ही जेल में बंद है।
इस तरह से बनाते हैं निशाना
गैंग की युवतियां राह चलते लोगों से बातचीत करती हैं। फिर अचानक से उन पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाती हैं। शोर मचाने पर गिरोह के लोग वहां जुट जाते हैं। मामले को रफादफा करने के एवज में रकम वसूलते हैं।